मोहिनी एकादशी पर पुष्कर सरोवर में उमड़ा आस्था का सैलाब

पावन पंचतीर्थी स्नान का हुआ शंखनाद; हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

(हरिप्रसाद शर्मा)

पुष्कर (अजमेर) | 27 अप्रैल 2026

​धार्मिक नगरी पुष्कर के पवित्र सरोवर में सोमवार को पावन वैशाख माह के ‘पंचतीर्थी स्नान’ का विधिवत शुभारंभ हो गया। वैशाख शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी के विशेष अवसर पर ब्रह्मभोर से ही देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। शास्त्रों के अनुसार, वैशाख मास की इस एकादशी पर स्नान और दान का फल हजारों गौ-दान के पुण्य के समान माना जाता है।

​भीषण गर्मी पर भारी पड़ी अटूट श्रद्धा

​सोमवार को पारे में बढ़ोतरी और भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सरोवर के पावन घाटों पर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। विशेष रूप से गऊ घाट पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा, जहाँ रावत समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से पहुंचकर पूजा-अर्चना की और परस्पर मिलन कर अपनी धार्मिक भावनाओं को साझा किया। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से ब्राह्मणों को भोजन कराया और गायों को हरा चारा खिलाकर पुण्य अर्जित किया।

​ब्रह्मा मंदिर में लगी लंबी कतारें

​सरोवर स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रुख जगतपिता ब्रह्मा के मंदिर की ओर रहा। मंदिर परिसर में भगवान ब्रह्मा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

​वैशाख पंचतीर्थी का पौराणिक महत्व

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने असुरों से अमृत की रक्षा करने के लिए आज ही के दिन ‘मोहिनी’ रूप धारण किया था, इसीलिए इसे मोहिनी एकादशी कहा जाता है। हिंदू शास्त्रों में वैशाख पंचतीर्थी का वही महत्व बताया गया है जो कार्तिक मास की पंचतीर्थी का होता है।

  • श्रेष्ठ मास: 12 महीनों में वैशाख मास को सर्वाधिक पुण्यदायी माना गया है।
  • निरंतर आवक: पुष्कर में पिछले 25 दिनों से वैशाख स्नान के लिए श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी है, जो आगामी दिनों में भी बना रहेगा।

​शाम को बद्री घाट पर हुई भव्य महाआरती

​मोहिनी एकादशी के पावन अवसर पर सोमवार शाम को बद्री घाट का नजारा अलौकिक रहा। पवित्र सरोवर के तट पर तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में महाआरती का आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी से सरोवर का पानी जगमगा उठा और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महाआरती में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पुष्कर राज से सुख-समृद्धि की कामना की।

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