मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: मध्य प्रदेश में ‘स्वामित्व योजना’ को मंजूरी, 46 लाख से अधिक परिवारों की मुफ्त होगी रजिस्ट्री!

भोपाल/ गनपत चौहान /मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम जनता के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय ‘स्वामित्व योजना’ को लेकर रहा, जिससे राज्य के लाखों परिवारों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलने जा रही है।

​कैबिनेट के इन फैसलों की विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:

​1. स्वामित्व योजना: 46 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री

​मोहन कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को उनके मकान और जमीन का मालिकाना हक देने वाली ‘स्वामित्व योजना’ के तहत एक अभूतपूर्व फैसला लिया है।

  • मुफ्त संपत्ति रजिस्ट्री: प्रदेश के 46.80 लाख ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति (मकान और भूखंड) के मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपने के लिए होने वाले रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क का पूरा खर्च अब राज्य सरकार वहन करेगी।
  • जनता को लाभ: ग्रामीण इलाकों में पुश्तैनी मकानों का कोई लिखित सरकारी रिकॉर्ड न होने के कारण ग्रामीणों को बैंक से लोन लेने या संपत्ति बेचने/हस्तांतरित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस फैसले के बाद ग्रामीणों को अपनी ही जमीन पर कानूनी अधिकार (प्रॉपर्टी कार्ड) बिल्कुल मुफ्त मिलेगा, जिससे वे बैंक से आसानी से लोन ले सकेंगे और आपसी जमीनी विवाद खत्म होंगे।
  • ड्रोन से सीमांकन: योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि का अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक से सर्वे कर सटीक डिजिटल नक्शे तैयार किए जा रहे हैं।

​2. मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम को मंजूरी

​युवाओं को रोजगार और सरकारी कामकाज का अनुभव देने के लिए कैबिनेट ने एक बड़े बजट के साथ इस महत्वाकांक्षी इंटर्नशिप प्रोग्राम को हरी झंडी दी है।

  • पदों की संख्या और चयन: मध्य प्रदेश के हर विकासखंड (ब्लॉक) से 15 योग्य युवाओं का चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। प्रदेशभर में कुल 4,865 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
  • मानदेय: चयनित युवाओं को हर महीने 10,000 रुपये का मानदेय (स्टाइपेंड) दिया जाएगा।
  • कार्य और बजट: यह कार्यक्रम अगले 3 वर्षों तक संचालित होगा, जिस पर सरकार लगभग 190 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन युवाओं की मुख्य जिम्मेदारी अपने ब्लॉक में सरकारी योजनाओं का जमीनी फीडबैक और रिपोर्ट तैयार करना होगी, जो सुशासन संस्थान के जरिए सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेगी।

​3. दिव्यांगजनों को प्रोफेशनल टैक्स (वृत्तिकर) से बड़ी छूट

​सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशीलता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मोहन सरकार ने दिव्यांगों (निःशक्तजनों) के लिए भी बड़ी घोषणा की है।

  • ​मध्यप्रदेश वृत्तिकर अधिनियम 1995 के अंतर्गत अब प्रदेश के निःशक्तजनों को मिलने वाली वृत्तिकर (Professional Tax) से छूट की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है।

​4. ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) के लिए 37.50 करोड़ स्वीकृत

​स्थानीय व्यापार और पारंपरिक शिल्पकला को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है।

  • ​प्रदेश के 7 विशेष जिलों में वहां के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों के संरक्षण, आधुनिक विकास और बेहतर मार्केटिंग के लिए अगले 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

​5. ऊर्जा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता

​कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की पूर्व से चल रही जनकल्याणकारी और बुनियादी ढांचे की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की है।

    • ​ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई राशि को अंश पूंजी (Equity Share) में बदलने का निर्णय लिया गया है। इस क्षेत्र में बिजली सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

कैबिनेट का मुख्य संदेश:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले दिखाते हैं कि सरकार का मुख्य फोकस ग्रामीण विकास, युवाओं को सुशासन से जोड़ना और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च के बोझ को कम करना है। मुफ्त रजिस्ट्री का यह फैसला ग्रामीण मध्य प्रदेश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने में गेमचेंजर साबित होगा।

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