योगेश शर्मा
अंतिम विदाई की लकड़ी के लिए पौधरोपण जरूरी: दिनेश राजुलाल बागड़ा
जयपुर/रातल्या। भीषण गर्मी के दौर में प्रकृति संरक्षण और बेजुबान पक्षियों की रक्षा के लिए जयपुर के डिग्गी-मालपुरा रोड स्थित जगन्नाथपुरा ग्राम पंचायत के रातल्या गांव में युवाओं ने एक सराहनीय पहल की है। बुधवार को गांव के युवाओं ने स्थानीय मोक्षधाम परिसर में पौधरोपण किया और पक्षियों के लिए दाना-पानी व आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
प्रकृति और पक्षियों के संरक्षण का संदेश
अभियान के दौरान पर्यावरण प्रेमी अशोक मेहता और राजुलाल बागड़ा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पक्षी हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इस तपती गर्मी में उनके लिए पानी व छाया की व्यवस्था करना सबसे बड़ा मानवीय धर्म है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मोक्षधाम में छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया, जिनमें शामिल हैं:
- जामुन
- पीपल
- बड़ (वट वृक्ष)
- मौलश्री
युवाओं ने केवल पौधे लगाए ही नहीं, बल्कि उनके बड़े होने तक नियमित रूप से देखभाल और सिंचाई करने की सामूहिक जिम्मेदारी भी ली।
बेजुबानों के लिए परिंडे और जूट के घोंसले
बढ़ते तापमान को देखते हुए मोक्षधाम परिसर के पेड़ों पर पक्षियों के लिए पानी के परिंडे बांधे गए। साथ ही, पक्षियों के सुरक्षित ठहराव के लिए जूट से बने विशेष घोंसले भी लगाए गए। युवाओं ने संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से इन परिंडों में पानी और पक्षियों के लिए दाने की व्यवस्था करेंगे।
”जीवन के अंतिम सफर के लिए भी जरूरी है पेड़”
इस अवसर पर दिनेश राजुलाल बागड़ा ने पर्यावरण के महत्व को रेखांकित करते हुए एक मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा:
”मनुष्य को अपने अंतिम समय में भी अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की जरूरत होती है। यदि हम आज पेड़ नहीं लगाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में पौधरोपण को संस्कार बनाना चाहिए।”
इस सेवा कार्य के दौरान दिनेश बागड़ा, जगदीश मेहता, महेश बागड़ा, रवि बाड़ीवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौजूद रहे। ग्रामीणों ने युवाओं के इस सेवाभावी प्रयास की सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय कदम बताया।