गणपत चौहान
रास्ता रोकने के मामूली विवाद में हुआ था जानलेवा हमला; हत्या के प्रयास और बलवा की धाराओं के तहत कार्रवाई
रायगढ़। शहर के शनि मंदिर मैरिन ड्राइव के पास हुई हिंसक मारपीट की घटना में कोतवाली पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने हमले में शामिल 9 बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 3 विधि के साथ संघर्षरत बालकों को संरक्षण में लिया गया है। घायलों की गंभीर स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और बलवा जैसी संगीन धाराएं जोड़ दी हैं।
क्या था पूरा मामला?
घटना 22 अप्रैल की रात करीब 1 बजे की है। कालिंदी कुंज निवासी चाहत जैन (27 वर्ष) अपने साथियों के साथ कोष्टापारा स्थित एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। जब वे शनि मंदिर मैरिन ड्राइव के पास पहुंचे, तो सामने से आ रहे एक ‘छोटा हाथी’ वाहन को बीच रास्ते में खड़ा करने को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
पूर्व नियोजित तरीके से हथियारों से हमला
आरोप है कि वाहन चालक मोहम्मद शेख अफताब और उसके साथियों ने गाली-गलौज करते हुए डंडा, लाठी, लोहे की रॉड और बेसबॉल बैट से चाहत जैन और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में चाहत जैन, शिवम बघेल, ऋषभ चौहान और सागर बघेल के सिर और जबड़े पर गंभीर चोटें आईं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
कोतवाली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल घायलों का मेडिकल कराया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने धारा 296, 351(2), 115(2), 191(2) BNS के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि, डॉक्टरी रिपोर्ट में जानलेवा चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में धारा 351(3), 190, 191(3) और 109(1) BNS जोड़ दी, जो हत्या के प्रयास और गंभीर दंगों से संबंधित हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस ने दबिश देकर हमले में शामिल निम्नलिखित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
मीत वर्मा, रोहन यादव, समीर खान, शंकर साहू, शेख मोहम्मद अफताब, शाख माह जुनैद, राज केवंत, विश्राम सारथी और कान्हा।
इनके साथ ही 3 नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हमले में प्रयुक्त बेसबॉल बैट, लोहे की रॉड और डंडे जब्त कर लिए हैं।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से शहर के असामाजिक तत्वों में कड़ा संदेश गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।