अशोक विहार कॉलोनी में हुई चोरी का खुलासा, नकदी बरामद कर जेवरात की बरामदगी के प्रयास जारी
गौरव कोचर
जयपुर। राजधानी के मुहाना थाना पुलिस ने सूने मकान में नकबजनी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को निरुद्ध किया है। साथ ही चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने पकड़े गए नाबालिग के कब्जे से चोरी के 7800 रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि खरीदार से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद करने के लिए गहन पूछताछ की जा रही है।
ताला तोड़कर नकदी व जेवरात पार किए थे
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज (IPS) ने बताया कि अशोक विहार कॉलोनी निवासी श्याम सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी अपने परिवार के साथ नागौर स्थित गांव गया हुआ था। वापस लौटने पर मकान का ताला टूटा मिला और घर के अंदर रखे बक्से से सोने की रखड़ी, दो झुमके, गले के दो सेट, चांदी की पायजेब, सोने के मोती, एक अंगूठी तथा 40 हजार रुपये की नकदी गायब मिली। इस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ में आया आरोपी
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जयपुर दक्षिण) ललित कुमार शर्मा के निर्देशन एवं सहायक पुलिस आयुक्त (मानसरोवर) हेमेंद्र शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध नाबालिग को चिन्हित कर निरुद्ध किया गया। पूछताछ में उसने रेकी कर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया, जिसके कब्जे से चोरी के 7800 रुपये बरामद किए गए।
माल खरीदने वाला सांगानेर से गिरफ्तार
नाबालिग से पूछताछ के आधार पर चोरी के जेवरात खरीदने वाले आरोपी ललित कश्यप (उम्र 20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मूलतः गांव किसरोली, पुलिस थाना शमशाबाद, जिला फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और वर्तमान में लॉटरी वाली गली, कपड़े के शोरूम के पीछे, सांगानेर (थाना मालपुरा गेट, जयपुर) में किराए पर रह रहा था। पुलिस आरोपी से चोरी के सोने-चांदी के आभूषणों की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम: थानाधिकारी मुकेश कुमार, एसआई देवी सहाय, हेड कांस्टेबल भंवरलाल, कांस्टेबल दामोदर (विशेष भूमिका), कांस्टेबल श्योजीराम, कांस्टेबल ओमप्रकाश एवं कांस्टेबल सचिन।