गौरव कोचर
जयपुर: जयपुर पश्चिम की मुरलीपुरा थाना पुलिस ने जीवनदीप कॉलोनी में हुई महिला की संदिग्ध मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के लिव-इन पार्टनर और आदतन अपराधी रामकल्याण गुर्जर उर्फ अजय को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्त ने न केवल इस मर्डर को अंजाम दिया, बल्कि वह पहले भी जयपुर के सांगानेर में अपनी एक अन्य महिला मित्र की हत्या कर चुका है।
कंट्रोल रूम की सूचना से शुरू हुई जांच
घटना का विवरण देते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम, प्रशांत किरण (IPS) ने बताया कि 09 मई 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि जीवनदीप कॉलोनी के एक मकान में एक महिला मृत अवस्था में पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस को मृतका के बारे में कोई प्रारंभिक जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने धारा 194 BNSS के तहत मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की।
शिनाख्त और पुलिस की जालसाजी
पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में सामने आया कि मृतका 25 वर्षीय अम्बिका कुमारी बैरागी थी, जो टोंक जिले के बनेठा थाने से 14 फरवरी 2026 से गुमशुदा थी। 11 मई को मृतका के पति शंकर लाल बैरागी ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अभियुक्त की तलाश तेज कर दी।
इंस्टाग्राम पर बातचीत बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त रामकल्याण गुर्जर और अम्बिका पिछले 3 महीनों से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। वे उज्जैन, वैष्णो देवी और चित्तौड़गढ़ जैसे धार्मिक स्थलों पर घूम रहे थे। अभियुक्त को शक था कि अम्बिका इंस्टाग्राम पर अन्य लोगों से बातचीत करती है। 08 मई को इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर अभियुक्त ने गला दबाकर अम्बिका की हत्या कर दी।
खतरनाक आपराधिक रिकॉर्ड: जेल का साथी भी अपराध में शामिल
अभियुक्त रामकल्याण गुर्जर एक शातिर अपराधी है। वह इससे पहले साल 2020 में सांगानेर इलाके में अपनी एक अन्य महिला मित्र की हत्या कर चुका है, जिसमें वह 4 साल जेल में रहा था। जनवरी 2025 में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपने जेल के साथी के साथ मिलकर उनियारा (टोंक) में ड्राई फ्रूट चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।
चौथ का बरवाड़ा से हुई गिरफ्तारी
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के सुपरविजन में थानाधिकारी वीरेन्द्र कुरील के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी सहायता से पीछा करते हुए पुलिस ने अभियुक्त की लोकेशन चौथ का बरवाड़ा रेलवे स्टेशन पर ट्रैक की। इसके बाद चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस के सहयोग से अभियुक्त को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया गया।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस खुलासे में झाबरमल, राजेन्द्र प्रसाद, अनिल कुमार, रोहिताश्व, पुरणमल, राजमहेन्द्र, वसुन्धरा, यमुनेश कुमार, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, धर्मेन्द्र और रविशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।