मुख्य सचिव सुधांश पंत ने पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई कार्यों की समीक्षा, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सर्वोच्च प्राथमिकता
नरेश गुनानी •
28 अक्टूबर 2025
जयपुर, 28 अक्टूबर। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने मंगलवार को सचिवालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और एनएचएआई की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन कार्यों को त्वरित गति एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने बताया कि अस्थायी मरम्मत जैसे पेच रिपेयर कार्यों के लिए 645 करोड़ रुपये और स्थायी मरम्मत के लिए 800 करोड़ रुपये का बजट सरकार द्वारा जारी किया जा चुका है। विभाग ने इन कार्यों की शुरुआत कर दी है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पेच रिपेयर कार्य 15 नवम्बर तक उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अन्य विभागों के अभियंताओं से जांच करवाई जाए।

निविदाओं की समयसीमा सख्ती से पालन करें
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप ईमानदारी से कार्य करें और फील्ड में सक्रिय रहकर स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करवाएं।
उन्होंने निर्देश दिया कि निविदा की तिथि केवल अपवाद स्वरूप ही बढ़ाई जाए और निविदा खोलने से लेकर वर्क ऑर्डर जारी करने तक की टाइमलाइन का सख्ती से पालन हो। इस प्रक्रिया की निगरानी ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी।
एनएचएआई परियोजनाओं के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनेगी
मुख्य सचिव ने एनएचएआई और एनएच की परियोजनाओं से जुड़े अंतर्विभागीय मुद्दों के त्वरित निस्तारण के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठन के निर्देश दिए। इस टास्क फोर्स में वन, राजस्व, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
उन्होंने एनएचएआई की 7,919 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन महत्वाकांक्षी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
लंबित कार्य समय पर पूर्ण करें
मुख्य सचिव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले पीडब्ल्यूडी कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जो 35 कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक, जबकि शेष 8 कार्य मार्च 2026 तक पूरे किए जाएं।
उन्होंने बताया कि अब तक 33 कार्य पूर्ण, 31 निर्धारित समय में प्रगति पर, जबकि 43 कार्यों की समयसीमा पार हो चुकी है।
पीएमआईएस प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा
मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग इंफॉर्मेशन सिस्टम (PMIS) की सराहना करते हुए कहा कि इसे और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर प्रोजेक्ट की प्रगति की 3-4 उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें अपलोड की जाएं। साथ ही, ‘सुगम पथ’ एप के माध्यम से डीएलपी सड़कों के नियमित निरीक्षण पर जोर दिया।
बड़े प्रोजेक्ट्स की होगी मासिक समीक्षा
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सरकार की घोषणाओं और बजट योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए विभागीय प्रोजेक्ट्स की हर माह समीक्षा की जाएगी ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।
दो वर्षों में 36,140 किमी सड़कों का विकास
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बजट घोषणाओं 2024-25 और 2025-26 के तहत 15,000 करोड़ रुपये की लागत से 12 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश पर काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 24,976 करोड़ रुपये व्यय कर 36,140 किमी लंबाई की सड़कों का विकास किया गया है।
बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।