मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संभाला पदभार — प्राथमिकता सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
17 नवम्बर 2025, 07:00 PM | जयपुर
सुनील शर्मा, टेलीग्राफ टाइम्स
राज्य के नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में कार्यभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव सुधांश पंत ने उन्हें मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यभार सौंपा और शुभकामनाएँ दीं। पदभार ग्रहण से पूर्व दोनों अधिकारी सचिवालय मुख्य भवन के प्रवेश द्वार पर स्थित गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
इस अवसर पर राजस्थान आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वी. श्रीनिवास का स्वागत किया तथा पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत को भावभीनी विदाई दी।
वी. श्रीनिवास ने कहा कि उनकी प्रशासनिक सेवा का आरंभ राजस्थान से हुआ था, और वर्षों बाद अपनी कर्मभूमि में लौटकर सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे तथा मुख्य सचिव के रूप में दी गई जिम्मेदारियों को मेहनत और निष्ठा से निभाएंगे।
विकसित राजस्थान@2047 के विजन को गति देने का संकल्प
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान@2047 विजन को साकार करने के लिए सभी अधिकारी मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में राजस्थान ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से शासन में पारदर्शिता बढ़ी है और इसकी बदौलत प्रशासन अधिक उत्तरदायी बना है।
उन्होंने कहा कि किसान, श्रमिक, महिला और युवाओं को विकास प्रक्रिया से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और गति प्रदान की जाएगी।
‘मिनिमम गवर्नमेंट – मैक्सिमम गवर्नेंस’ पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि ‘मिनिमम गवर्नमेंट – मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही प्रदेश में अधिकतम निवेश आकर्षित करने तथा राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मौजूद रहे। जिलों में कार्यरत अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।

