लंबित फाइलों के त्वरित निस्तारण, निर्णय प्रक्रिया को गतिशील बनाने और कार्मिकों को बेहतर सुविधाएं देने के दिए सख्त निर्देश
जयपुर/ नरेश गुनानी/मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्व, सामान्य प्रशासन (जीएडी) और कार्मिक विभाग का विस्तृत निरीक्षण किया तथा अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधा संवाद साधा। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और फाइलों के निस्तारण की औसत अवधि में उल्लेखनीय कमी लाने के कड़े निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक विलंब से बचते हुए निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गतिशील बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागों में वर्षों से पड़े बेकार सामान और अनुपयोगी फर्नीचर का भी नियमानुसार त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्मिक विभाग: एसीआर सेल का अवलोकन और नव नियुक्त कर्मियों का ओरिएंटेशन
कार्मिक विभाग के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने एसीआर (ACR) सेल की व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने नव नियुक्त कनिष्ठ सहायकों के लिए एक सुनियोजित और प्रभावी ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि वे प्रशासनिक बारीकियों को शीघ्र सीख सकें।
- कार्य आवंटन: नव नियुक्त कार्मिकों को अविलंब कार्य आवंटित किया जाए।
- आधारभूत सुविधाएं: कर्मचारियों को कार्यस्थल पर आधुनिक कंप्यूटर, आरामदायक फर्नीचर और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
- दक्षता पर जोर: कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से वे पूरी दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
सामान्य प्रशासन एवं राजस्व विभाग का जायजा
निरीक्षण की कड़ी में मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत संचालित कैबिनेट सचिवालय की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को देखा। इसके पश्चात उन्होंने राजस्व विभाग में विभागीय प्राथमिकताओं, नीतिगत मामलों और चालू कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले के वरिष्ठ अधिकारी साथ रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- टी. रविकान्त (प्रमुख शासन सचिव, राजस्व)
- नवीन जैन (प्रमुख शासन सचिव, सामान्य प्रशासन)
- अर्चना सिंह (शासन सचिव, कार्मिक विभाग)
सहित संबंधित विभागों के अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।