मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का दौरा: चंबल की जैव विविधता देख हुए अभिभूत
| नरेश गुनानी
कोटा। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को कोटा स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (MHTR) का दौरा किया। विश्व जल दिवस के अवसर पर आयोजित इस भ्रमण के दौरान उन्होंने चंबल सफारी के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध वन्यजीव संपदा और प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया। मुख्य सचिव ने वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन के माध्यम से स्थानीय आजीविका बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
चंबल की लहरों पर वन्यजीव अवलोकन
मुख्य सचिव ने सुबह 7 बजे किशोरपुरा जेट्टी से बोट के जरिए अपना भ्रमण शुरू किया। नदी मार्ग से गरड़िया महादेव तक की यात्रा के दौरान उन्होंने रिजर्व की अद्वितीय जैव विविधता को करीब से देखा। इस दौरान उनके साथ जिला कलक्टर पीयूष समारिया भी उपस्थित रहे।
भ्रमण के दौरान उन्हों

ने चंबल के किनारों पर फल-फूल रहे पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र में पाए जाने वाले शिकारी पक्षियों (Raptors) और दुर्लभ पक्षी प्रजातियों (एविफौना) को देखा, जिनमें शामिल हैं:
- इंडियन वल्चर और ईजिप्शियन वल्चर (गिद्ध)
- इंडियन ईगल आउल
- ब्राउन फिश आउल
- नदी में धूप सेंकते मगरमच्छ
पर्यटन और आजीविका पर जोर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक धरोहरों को आमजन से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा:
”जंगल और बोट सफारी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति के करीब लाना आवश्यक है। इससे न केवल वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए द्वार भी खुलेंगे।”
विश्व जल दिवस पर संरक्षण का संदेश
संयोगवश आज “विश्व जल दिवस” होने के कारण मुख्य सचिव ने चंबल नदी के बीच से प्रदेशवासियों को जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चंबल राजस्थान की जीवनरेखा है और इसका संरक्षण पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
संरक्षण कार्यों की समीक्षा और तकनीकी पहल
भ्रमण के दौरान मुख्य वन संरक्षक और उप वन संरक्षक ने मुख्य सचिव को रिजर्व में चल रहे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी दी:
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प्रमुख संरक्षण गतिविधियाँ |
विवरण |
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टाइगर ट्रांसलोकेशन |
अंतर्राज्यीय बाघ स्थानांतरण कार्यक्रम की प्रगति। |
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प्रे बेस ऑगमेंटेशन |
शाकाहारी वन्यजीवों (शिकार आधार) की संख्या में वृद्धि करना। |
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हैबिटैट इम्प्रूवमेंट |
घास के मैदानों (ग्रासलैंड) का विकास और आवास सुधार। |
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सौर ऊर्जा तकनीक |
गर्मियों में वन्यजीवों के लिए चंबल से पानी लिफ्ट करने हेतु सौर पंपों का उपयोग। |
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डिजिटल पेट्रोलिंग |
M-STrIPES ऐप के जरिए फील्ड स्टाफ द्वारा की जा रही निगरानी। |
मुख्य सचिव ने गश्ती दल द्वारा की जा रही फुट और बोट पेट्रोलिंग की सराहना की और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए तकनीकी उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान वन विभाग के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
