जयपुर, 11 अगस्त 2026/ नरेश गुनानी— राजस्थान शासन सचिवालय में मंगलवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज (CoS) की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में आमजन को सुगमता से बेहतर सुविधाएं प्रदान करने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने, ‘रिफॉर्म उत्सव’ के आयोजन, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में वित्तीय प्रगति, ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’, जन-अभियोग निस्तारण तथा ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ सहित कई फ्लैगशिप विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राज्य के समस्त अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
1. ‘रिफॉर्म उत्सव’: जनभागीदारी से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होंगे व्यापक सुधार
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में शुरू हो रहे ‘रिफॉर्म उत्सव’ को जनभागीदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने की एक दूरगामी पहल बताया।
- जन-केंद्रित सुधार: मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आम नागरिकों के वास्तविक अनुभवों और सुझावों को आधार बनाकर सरकारी प्रक्रियाओं को सुगम बनाया जाए। सभी विभाग ऐसे नीतिगत और प्रक्रियागत बदलावों की पहचान करें, जिससे बड़ी संख्या में आमजन को सीधा लाभ पहुंचे।
- चरणबद्ध कार्ययोजना:
- 10 सितंबर 2026: राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी।
- 11 सितंबर 2026: प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत होगी।
- 02 अक्टूबर 2026: प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘जन मंथन सभा’ का आयोजन कर नागरिकों को सुधार प्रक्रिया से सीधा जोड़ा जाएगा।
- नोडल विभाग व समन्वय: योजना विभाग को इस उत्सव का नोडल विभाग बनाया गया है। जिलों के प्रभारी सचिव तैयारियों की नियमित समीक्षा करेंगे और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों से समन्वय स्थापित करेंगे। युवा मामलों के विभाग के जरिए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- एकल आवेदन प्रपत्र (Single Form): प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने विभिन्न सेवाओं के लिए ‘सिंगल फॉर्म’ विकसित करने की संभावनाओं पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
2. केंद्र प्रवर्तित योजनाएं: समयबद्ध बजट उपयोग और भ्रामक जानकारियों का त्वरित खंडन
केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश जारी किए:
- लंबित स्वीकृतियां व राज्यांश: लंबित केंद्रीय स्वीकृतियों को शीघ्र प्राप्त करने के लिए पत्राचार (D.O. Letters) बढ़ाने, उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UCs) समय पर भेजने तथा केंद्र से धन आवंटित होते ही संबंधित राज्यांश तुरंत जारी करने के निर्देश दिए गए।
- तथ्यात्मक सूचना का प्रसार: विभागों को अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रभावी संप्रेषण करने के निर्देश दिए गए। यदि किसी योजना के संबंध में कोई भ्रामक या गलत जानकारी सामने आती है, तो तथ्यों पर आधारित सही जानकारी तुरंत जनता के सामने रखी जाए।
3. ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’: 21 लाख से अधिक लोगों ने दर्ज कराई उपस्थिति
‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत 9 से 17 अगस्त तक आयोजित होने वाली गतिविधियों में अभूतपूर्व जनभागीदारी देखने को मिल रही है:
- शुरुआती दो दिनों के आंकड़े:
- 09 अगस्त: 12,609 प्रभात फेरियों में 11.20 लाख से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया।
- 10 अगस्त: 12,917 तिरंगा रैलियों में 9.84 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।
- मात्र दो दिनों में ही 21 लाख से अधिक लोगों की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई और संबंधित पोर्टल पर 40,000 से अधिक राष्ट्रभक्ति सेल्फी अपलोड की जा चुकी हैं।
- अन्य आयोजन: मुख्य सचिव ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को जनभागीदारी से जोड़ने तथा 13 व 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ से जुड़े कार्यक्रमों को पूर्ण गरिमा के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए।
4. ‘मिशन हरियालो राजस्थान’: 4.85 करोड़ से अधिक पौधरोपण संपन्न
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और भौतिक सत्यापन पर विशेष जोर दिया।
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विवरण |
आंकड़े / स्थिति |
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वर्ष 2026-27 का कुल लक्ष्य |
10.81 करोड़ पौधे |
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10 अगस्त तक की उपलब्धि |
~4.85 करोड़ पौधे रोपे गए |
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मुख्य निर्देश |
कम प्रगति वाले विभाग/जिले तेजी लाएं, जिला कलक्टर प्रभावी समन्वय करें तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण करें। |
5. जन-अभियोग निस्तारण व ‘राजस्थान संपर्क 181’: नागरिक संतुष्टि दर में सुधार
जन-शिकायतों के निवारण पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि निस्तारण का मुख्य उद्देश्य केवल फाइलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को वास्तविक राहत पहुंचाना होना चाहिए।
- प्रदर्शन एवं आंकड़े (1 फरवरी से 31 जुलाई 2026):
- कुल 24.64 लाख से अधिक नए जन-अभियोग दर्ज किए गए।
- पुराने बैकलॉग को मिलाकर 25.04 लाख से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।
- नागरिकों की संतुष्टि दर बढ़कर 67.29% हो गई है (जो पहले 63.16% थी)।
- औसत निस्तारण समय 15 दिन से घटकर 13 दिन रह गया है।
- नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों में संतुष्टि का स्तर 74.75% दर्ज किया गया।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र: बिजली, पानी, सड़क और स्वच्छता से संबंधित शिकायतों की मॉनिटरिंग समय, गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि के मानकों के आधार पर लगातार करने के निर्देश दिए गए।