मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की बैठक में दिए निर्देश — ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर जोर
गौरव कोचर •
जयपुर, 4 नवम्बर। राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव सुधांश पंत ने की। इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रही दूरसंचार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन, वन विभाग की मंजूरी और अन्य लंबित प्रकरणों को आपसी समन्वय से शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि परियोजनाओं में देरी न हो और राज्य के हर कोने तक तेज एवं विश्वसनीय इंटरनेट सेवा पहुंच सके।
दूरसंचार परियोजनाओं की समयबद्धता पर विशेष बल
बैठक में टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों — टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (ROW) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (CBuD) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, और बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट — की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं में समयबद्धता, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जाए ताकि प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो सके।
“कॉल बिफोर यू डिग” ऐप से होगा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन
उन्होंने बताया कि “कॉल बिफोर यू डिग” मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने और संचार सेवाओं में बाधा रोकने में अत्यंत उपयोगी है। इस ऐप के माध्यम से प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और विभागीय समन्वय भी सुदृढ़ होगा।
ओएफसी कार्यों के बाद सड़कों की बहाली सुनिश्चित करें
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने के बाद जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के पश्चात सही तरीके से भरना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और सड़कों को पूर्ववत स्थिति में बहाल किया जाए।
संचार साथी पोर्टल बना नागरिकों के लिए उपयोगी प्लेटफॉर्म
बैठक में संचार साथी पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए अत्यंत सुविधाजनक और उपयोगी प्लेटफॉर्म है।
राज्य में गुम या चोरी हुए लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल रिकवरी का औसत 26.50% है, जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% दर्ज किया गया है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।
सुविधाओं से सशक्त हो रहे मोबाइल उपयोगकर्ता
संचार साथी पोर्टल नागरिकों को कई डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है —
- टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शन देख सकते हैं।
- बिना अनुमति जारी सिम कार्ड की स्थिति में रिपोर्ट कर तत्काल निष्क्रिय करवा सकते हैं।
- नो योर मोबाइल (KYM) सुविधा से नकली मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम में मदद मिलती है।
- इसके अलावा शिकायत निवारण, जन-जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी इस पोर्टल पर उपलब्ध है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, राजस्व दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार डॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केंद्र सरकार आनंद कटोच सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल राजस्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान के माध्यम से राजस्थान को डिजिटल रूप से सशक्त राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है। ग्रामीण इलाकों तक उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं की पहुंच से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और शासन की पारदर्शिता में व्यापक सुधार होगा।