मुख्य सचिव ने राजीविका विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन का किया अवलोकन
08 दिसम्बर 2025, 04:15 PM, जयपुर
| नरेश गुनानी
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सोमवार को सांगानेर के ठीकरिया स्थित राजीविका विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन पहुंचे। उन्होंने कहा कि राजीविका ग्रामीण उद्यमिता का मजबूत मॉडल बनकर उभर रहा है, जिसके माध्यम से महिलाएँ आत्मनिर्भर बन परिवार और समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं। मुख्य सचिव ने ब्लू पॉटरी और बगरू प्रिंट से जुड़ी लखपति दीदियों से संवाद कर उनकी आजीविका गतिविधियों के अनुभव जाने।
मुख्य सचिव ने कहा कि पहले आजीविका मुख्यतः सिलाई कार्य तक सीमित थी, लेकिन आज महिलाएँ अनेक क्षेत्रों में अपने उत्पादों के माध्यम से अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वयं सहायता समूहों की इन प्रेरणादायक कहानियों को प्रधानमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, खाद्य एवं परिधान उत्पादों की विशेष सराहना की गई तथा सेनेटरी नैपकिन यूनिट का निरीक्षण भी किया गया।
बायर सेलर मीट से बढ़ेगा उत्पादों का बाजार विस्तार
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने बताया कि राजीविका प्लेटफॉर्म ने ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता का मजबूत आधार दिया है। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन आधारित उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बायर सेलर मीट’ की शुरुआत की गई है, जिससे महिलाएँ सीधे बड़ी कंपनियों को अपने उत्पाद बेचने में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने इसे बड़े स्तर पर बढ़ाने का आश्वासन दिया।
जिलों में स्थापित होंगे स्थानीय मार्ट
जयपुर संभागीय आयुक्त पूनम ने निर्देश दिए कि राजस्थली मार्ट की तर्ज पर विभिन्न जिलों में स्थानीय “मार्ट” स्थापित किए जाएँ, ताकि महिला उद्यमियों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।
ग्रामीण महिलाओं की सफलता बड़े बदलाव का उदाहरण
राजीविका की स्टेट मिशन डायरेक्टर नेहा गिरि ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ कृषि, वित्तीय सेवाओं, उद्यमिता, कला एवं हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुई हैं। उन्होंने राजस्थानी पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना साझा की।
आर्थिक रूप से सशक्त बन रहीं ग्रामीण महिलाएँ
लखपति दीदी इंदिरा देवी ने बताया कि वे हस्तनिर्मित लकड़ी उत्पाद तैयार कर प्रतिमाह 10,000 रुपए से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं तथा विभिन्न मेलों एवं प्रदर्शनियों में हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का विस्तार कर रही हैं।
राजस्थान ग्रामीण बैंक में बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के रूप में कार्यरत मीनू शर्मा ने बताया कि वे सुरक्षा बीमा योजना सहित विभिन्न वित्तीय सेवाओं का लाभ गांवों तक पहुँचा रही हैं। वे प्रतिमाह लगभग 1 करोड़ रुपए के बैंकिंग ट्रांजेक्शन कर करीब 45,000 रुपए की नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान मिला है।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक प्रशासन प्रीति सहित राजीविका से जुड़ी महिलाएँ और अधिकारी उपस्थित रहे।

