नरेश गुनानी
जयपुर, 15 अप्रैल 2026 राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की समीक्षा करते हुए विभागों और जिला कलेक्टर्स को सभी गतिविधियाँ समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार कर 15 मई तक पोर्टल पर अपलोड किए जाने अनिवार्य हैं।
अभियान की समयसीमा और प्रमुख लक्ष्य
मुख्य सचिव ने अभियान की प्रगति की निगरानी करते हुए जिला कलेक्टर्स को जमीनी स्तर पर सक्रिय होने के निर्देश दिए। उन्होंने निम्नलिखित समय-सारणी (Deadlines) निर्धारित की है:
- 20 अप्रैल: फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) का समापन।
- 25 अप्रैल: ड्राफ्ट मास्टर प्लान की तैयारी।
- 15 मई: अंतिम मास्टर प्लान पोर्टल पर अपलोड करना।
डिजिटल तकनीक और जन-भागीदारी पर जोर
अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:
- QR कोड फीडबैक: सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली विकसित की जाए।
- GIS मैपिंग: सभी विकास योजनाओं को जीआईएस (GIS) आधारित मैपिंग से जोड़ा जा रहा है ताकि भौतिक प्रगति की सटीक जानकारी मिल सके।
- मोबाइल ऐप: योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करने की व्यवस्था मोबाइल ऐप के माध्यम से की गई है।
- आईडी मैपिंग: नवगठित ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवकों की आईडी मैपिंग का कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया है ताकि पोर्टल पर डेटा एंट्री सुचारू रहे।
11 क्षेत्रों में विभाजित ‘विकास टूलकिट’
प्रमुख शासन सचिव आयोजना, भवानी सिंह देथा ने बताया कि अभियान के तहत डिजिटल बेसलाइन तैयार करने के लिए विकास कार्यों को 11 प्रमुख वर्गों में बांटा गया है:
- प्रशासनिक एवं सुशासन
- कृषि, आजीविका एवं औद्योगिक विकास
- स्वास्थ्य एवं शिक्षा
- सामाजिक सुरक्षा एवं आधारभूत संरचना
- जल प्रबंधन, पर्यावरण एवं पर्यटन
इन वर्गों के आधार पर वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक की भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाबद्ध विकास का खाका तैयार किया जा रहा है।
वर्तमान प्रगति की स्थिति
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान 19 मार्च से 15 मई तक संचालित है।
- राज्य के 766 स्थानीय निकायों की कुल 24,648 ग्राम पंचायतों एवं वार्डों को इसमें शामिल किया गया है।
- वर्तमान में लगभग 90% इकाइयों की SSO आईडी मैपिंग पूर्ण हो चुकी है।
- जिला एवं ब्लॉक स्तर पर हेल्पडेस्क और संयुक्त टीमें (पंचायती राज एवं IT विभाग) निरंतर मॉनिटरिंग कर रही हैं।
बैठक में शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायतीराज डॉ. जोगा राम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अनिवार्य रूप से ग्राम सभाओं में भाग लें ताकि स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।