पुष्कर / अजमेर /हरि प्रसाद शर्मा/
राजस्थान सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की राज्य स्तरीय संवाद एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, जिला एवं उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों तथा समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
पुष्कर उपखण्ड की सक्रिय भागीदारी
राज्य स्तरीय इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपखण्ड पुष्कर से उपखण्ड अधिकारी (SDO) की उपस्थिति में जन अभियोग एवं सतर्कता समिति के सदस्यों ने प्रमुखता से सहभागिता निभाई।
- उपस्थित सदस्य: बैठक में समिति सदस्य भुवनेश पाठक, शक्ति सिंह राठौड़, अरुण वैष्णव, पुष्कर नारायण भाटी, सम्पत सुवाल एवं मदन सिंह (उर्फ माणकचंद) उपस्थित रहे।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं चर्चा
- लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण: प्रदेशभर से प्राप्त आमजन के परिवादों और शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
- जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच: राज्य सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।
- प्रशासनिक जवाबदेही: आम जनता से प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: “अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं”
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए:
- संवेदनशीलता और प्राथमिकता: अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ सुनने एवं उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
- शून्य ढिलाई नीति: जन अभियोगों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई।
- समयबद्ध अनुपालन: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दिए गए निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने हेतु प्रशासनिक तंत्र को मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया।
प्रशासनिक स्तर पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
बैठक के समापन पर पुष्कर उपखण्ड अधिकारी ने वीसी में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों की अनुपालना में स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपखण्ड स्तर पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित समाधान करना ही प्राथमिकता रहेगी, ताकि आमजन को राहत मिल सके।