प्रीति बालानी
उदयपुर, 17 जून। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) परिसर में आयोजित ‘शहरी सेवा शिविर’ का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिविर में मौजूद लाभार्थियों से सीधा संवाद किया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व शिविर के प्रबंधन को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का हर हाल में समाधान होना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का सशक्तीकरण मुख्य ध्येय
शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इसी सोच के साथ पूरे प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
जटिल मामलों के लिए लगेंगे फॉलोअप शिविर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पट्टा वितरण, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रकरणों में कानूनी प्रक्रिया या आवश्यक जांच के कारण अतिरिक्त समय लगना अनिवार्य है, उनके त्वरित निस्तारण के लिए आगे फॉलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी काम अधूरा न छूटे।
बुनियादी सुविधाओं और वंचित वर्ग पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में आने वाले छोटे से लेकर बड़े, हर कार्य को पूरी गंभीरता से लिया जाए।
- वंचितों को प्राथमिकता: बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और वंचित वर्गों को सभी मूलभूत सुविधाएं सहजता से मिलनी चाहिए।
- शहरी बुनियादी ढांचा: पार्क, सड़क, नाली, सीवरेज, बिजली और अन्य नगरीय सुविधाओं से जुड़ी जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
उन्होंने आम जनता और जनप्रतिनिधियों से भी आह्वान किया कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद और पात्र लोगों को इन शिविरों तक पहुँचाने में मदद करें, क्योंकि सबकी सामूहिक भागीदारी से ही इन शिविरों का उद्देश्य सफल होगा।
लाभार्थियों को बांटे पट्टे, चेक और सहायक उपकरण
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन किया और प्रगति की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने पात्र लाभार्थियों को:
- भूमि व मकान के पट्टे
- विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्र
- भवन निर्माण स्वीकृति पत्र
- सहायता राशि के चेक
- दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण (ट्राइसाइकिल/व्हीलचेयर आदि) सौंपे।
लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से सीधे राहत पाकर खुशी जाहिर की और राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी पहल के लिए आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सहित स्थानीय विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, श्रीचंद कृपलानी और कई अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं भारी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।