नरेश गुनानी
बूंदी, 8 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गुहाटा गांव में निर्माणाधीन चंबल एक्वाडक्ट का निरीक्षण किया। यह एक्वाडक्ट राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी राम जल सेतु लिंक परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी बनेगी परियोजना
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान होगा। इस परियोजना के पूर्ण होने से प्रदेश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी सीधे तौर पर लाभान्वित होगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और प्रोजेक्ट तय समय सीमा में पूरा हो सके।
चंबल एक्वाडक्ट: इंजीनियरिंग का आधुनिक नमूना
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तकनीकी प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक्वाडक्ट कोटा के पीपल्दा समेल गांव और बूंदी के गुहाटा गांव के बीच चंबल नदी पर बनाया जा रहा है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- लंबाई: कुल 2 हजार 280 मीटर।
- संरचना: इसका निर्माण 5,060 पाइलों और 77 पाइल कैपों पर आधारित होगा।
- पिलर्स: इसमें औसतन 384 गोलाकार पीयरों (Pillars) का निर्माण किया जाएगा।
- दोहरा लाभ: इसके जरिए चंबल नदी के ऊपर से जल का प्रवाह तो होगा ही, साथ ही यह नदी पार करने के लिए आमजन के लिए आवागमन का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
प्रदर्शनी अवलोकन और वृक्षारोपण
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक्वाडक्ट पीयर का विधि-विधान से पूजन किया। उन्होंने प्रोजेक्ट साइट पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें परियोजना के विभिन्न चरणों और तकनीकी पहलुओं को दर्शाया गया था। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने साइट पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ:
- जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत
- ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर
- अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार
- तथा परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी मौजूद रहे।
