मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्बर्ट हॉल से की प्रदेशव्यापी स्वच्छता संकल्प एवं जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत
जयपुर, 14 मार्च 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान में स्वच्छता को एक जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल से प्रदेशव्यापी स्वच्छता संकल्प एवं जागरूकता कार्यक्रम का शंखनाद किया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं श्रमदान कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया।

सफाईकर्मियों का सम्मान और जन-कल्याणकारी कदम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सफाईकर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पीपीई (PPE) किट वितरित किए। इसके साथ ही, आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे। उन्होंने वहां उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता की शपथ दिलाई और रामनिवास बाग में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया।
19 मार्च को मनेगा राजस्थान दिवस
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस वर्ष राजस्थान दिवस 19 मार्च को पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि:
- 30 मार्च 1949 को सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में वृहद् राजस्थान की स्थापना हुई थी।
- तिथि के अनुसार इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च को है, इसलिए इसी दिन गौरवशाली राजस्थान दिवस मनाया जाएगा।
- राजस्थान दिवस के भव्य आयोजनों की शुरुआत स्वच्छता अभियान से करना इस संकल्प का प्रतीक है कि राजस्थान आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी देश का अग्रणी राज्य बने।
स्वच्छता: विकसित राजस्थान 2047 का आधार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने लोगों के व्यवहार में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए तीन मुख्य बिंदु बताए:
- स्वास्थ्य की आधारशिला: बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता अनिवार्य है।
- पर्यावरण संरक्षण की कुंजी: स्वच्छ परिवेश ही सुरक्षित भविष्य का मार्ग है।
- आर्थिक प्रगति का आधार: पर्यटन प्रधान राज्य होने के नाते स्वच्छता विदेशी और घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है।
स्वच्छता के क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियां
संबोधन के दौरान भजनलाल शर्मा ने राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को साझा किया:
- प्रथम स्थान: राजस्थान ‘स्वच्छता ही सेवा’ 2025 के सफाई लक्ष्यों में देश में पहले पायदान पर रहा है।
- ODF प्लस: प्रदेश के लगभग सभी गाँव ओडीएफ प्लस घोषित हो चुके हैं।
- शीर्ष शहर: स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में उदयपुर और जयपुर देश के शीर्ष 20 शहरों में शामिल हुए, जबकि डूंगरपुर को सुपर स्वच्छ लीग सिटी का सम्मान मिला।
- बुनियादी ढांचा: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2.78 लाख व्यक्तिगत और 4 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।
जन-भागीदारी का आह्वान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत कर्तव्य है। उन्होंने जल स्रोतों की सफाई के लिए चलाए गए ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का उदाहरण दिया, जिसमें 2.5 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया था। उन्होंने अंत में “न गंदगी करेंगे, न करने देंगे” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि छोटे-छोटे कदमों से ही हम ‘विकसित राजस्थान 2047’ का लक्ष्य हासिल करेंगे।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, विधायक गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
