मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश का सड़क तंत्र बन रहा मजबूत
- 24 हजार 976 करोड़ व्यय कर 36 हजार 140 किलोमीटर सड़क निर्माण का कीर्तिमान
- गांवों से शहर तक फैल रहा सड़कों का नेटवर्क, आमजन का आवागमन हो रहा सुगम
08 नवम्बर 2025 | नरेश गुनानी
जयपुर, 08 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्थान में सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए सड़कों के विकास कार्य को प्राथमिकता एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कर रही है। चरणबद्ध रूप से राज्य राजमार्गों का निर्माण, सड़कों का क्रमोन्नयन, चौड़ाईकरण, सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास, आरओबी-आरयूबी और उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण राज्य के समग्र विकास को नई गति दे रहा है।

सड़कों के विकास के लिए 12 हजार 391 कार्य स्वीकृत
प्रदेश में सड़कों के विकास पर 24 हजार 976 करोड़ रुपये व्यय कर 36 हजार 140 किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया है। वहीं, 28 हजार 600 किलोमीटर लंबी सड़कों के विकास के लिए 14 हजार 816 करोड़ रुपये के 12 हजार 391 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क तंत्र को मजबूत बनाने के तहत 1 हजार 564 गांव और बसावटों को सड़कों से जोड़ा गया है। साथ ही 3 हजार 543 किलोमीटर लंबाई की मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 1 हजार 328 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, 327 अटल प्रगति पथों के निर्माण के लिए 813 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।
प्रदेश में 6 हजार 249 किमी राज्य राजमार्गों का विकास
22 माह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राजमार्ग सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए लगातार विकास और विस्तार किया गया है। 8 हजार 194 करोड़ रुपये की लागत से 6 हजार 249 किलोमीटर लंबाई के राज्य राजमार्गों का विकास हो चुका है। साथ ही 2 हजार 547 करोड़ रुपये की लागत से 8 राज्य राजमार्गों पर कार्य प्रगति पर है। जिला मुख्यालयों से संपर्क सुगम बनाने के लिए 5 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों का मुख्य जिला सड़कों में क्रमोन्नयन किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग हो रहे सुदृढ़, रेलवे क्रॉसिंग बन रही सुरक्षित
राजस्थान में डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से राष्ट्रीय राजमार्गों का व्यापक विकास हो रहा है। 600 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ाईकरण और सुदृढ़ीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 457 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्गों पर कार्य प्रगति पर है। रेलवे क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश में 10 आरओबी का निर्माण पूरा हो चुका है तथा 33 आरओबी निर्माणाधीन हैं। वहीं, 14 आरयूबी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 14 अन्य पर कार्य जारी है। प्रदेश में 11 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण पूर्ण होने के साथ 15 पुलों पर कार्य प्रगति पर है।