मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में शुरू हुआ 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में शुरू हुआ 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान

4 से 18 नवम्बर तक चलेगा अभियान — विभागवार सघन मॉनिटरिंग, यातायात नियमों का सख्ती से पालन, मुख्यमंत्री कार्यालय कर रहा है निगरानी
05 नवम्बर 2025, जयपुर।

गौरव कोचर •

राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार 4 से 18 नवम्बर तक प्रदेशभर में 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने और आपातकालीन सहायता प्रणाली को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय गृह विभाग से समेकित रिपोर्ट प्राप्त कर अभियान की सघन मॉनिटरिंग कर रहा है।

पुलिस विभाग बना नोडल एजेंसी, सख्त प्रवर्तन कार्रवाई शुरू

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। पुलिस विभाग को नोडल एजेंसी और फील्ड कोऑर्डिनेटर बनाया गया है, जो पूरे प्रदेश में अभियान का समन्वय और पर्यवेक्षण सुनिश्चित कर रहा है। पुलिस विभाग द्वारा शराब पीकर, तेज गति से, गलत दिशा में या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की गई है।
बिना रिफ्लेक्टर या नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी विधिक कार्रवाई की जा रही है। सभी प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर संबंधित थाना और यातायात टीमें सक्रिय हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हाईवे मोबाइल यूनिट और एम्बुलेंस निर्धारित मानकों के अनुसार कार्यरत रहें। सभी छह-लेन राजमार्गों पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 के मॉडल के अनुरूप लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू किया जाएगा।

शराब सेवन और ओवरस्पीड मामलों में लाइसेंस निलंबन

परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा ओवरलोडिंग, अनाधिकृत संचालन और फिटनेस उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। शराब सेवन और ओवरस्पीडिंग के मामलों में चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा वाहन चेकिंग अभियान, रिफ्लेक्टर टेप लगवाने, सड़क सुरक्षा कार्यशालाएं और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

अवैध ढाबों और अनाधिकृत संरचनाओं पर कार्रवाई

सार्वजनिक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों द्वारा सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर अनाधिकृत कट 15 दिनों में बंद किए जा रहे हैं। सड़कों पर व्हाइट लाइनिंग, डिवाइडर पर रेलिंग और सुरक्षा जाल लगाने, सड़क किनारे झाड़ियां हटाने तथा गड्ढों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है।
नियमित चेतावनी संकेतक और साइन बोर्ड लगाने के साथ-साथ अवैध ढाबों, बस स्टैंडों और अनाधिकृत संरचनाओं को हटाया जा रहा है। साथ ही, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों से आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की योजना पर भी कार्य हो रहा है। सर्विस लेन और ट्रक चालकों के विश्राम स्थलों की समीक्षा भी की जा रही है।

45 वर्ष से अधिक चालकों का नेत्र परीक्षण

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी वाहन चालकों के लिए नेत्र परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। एम्बुलेंस की उपलब्धता, ट्रॉमा सेंटर और अस्पतालों की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा मिल सके।
नगरीय विकास और स्थानीय निकाय विभाग द्वारा फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है, ट्रैफिक सिग्नलिंग सिस्टम और सड़क प्रकाश व्यवस्था का दुरुस्तीकरण किया जा रहा है। शहरों में भारी वाहनों की नो-एंट्री सीमा और समय निर्धारण का भी पुनर्परीक्षण किया जा रहा है।

अत्यधिक समय तक वाहन चलवाने पर कार्रवाई

श्रम विभाग द्वारा ट्रांसपोर्ट कंपनियों की जांच की जा रही है जहां चालकों से अत्यधिक समय तक वाहन चलवाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ऐसी स्थितियों में दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। चालकों के कार्य घंटे और विश्राम समय की पालना सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।

जिला स्तर पर सघन मॉनिटरिंग

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से जिला सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय युवाओं को अभियान से जोड़ा जा रहा है।
हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, मोबाइल फोन निषेध और डिपर उपयोग जैसे यातायात नियमों के पालन को लेकर व्यापक जनजागरूकता चलाई जा रही है। इसके साथ ही, दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया जा रहा है।

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