मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा का विस्तार — 69.50 लाख नए लाभार्थियों को मिला एनएफएसए का लाभ, 42 लाख अपात्रों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा
गौरव कोचर •
जयपुर, 4 नवम्बर।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा से वंचित न रहे। उनके मार्गदर्शन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सामाजिक न्याय और पारदर्शिता की दिशा में अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की है।
प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत लगभग 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीमा निर्धारित थी, जिसके कारण नए पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि पात्र हकदारों को खाद्य सुरक्षा का अधिकार मिले। इसी दिशा में अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाने और नए पात्र लोगों को जोड़ने का व्यापक कार्य किया गया।
खाद्य सुरक्षा पोर्टल से जुड़े 69.50 लाख नए लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल को पुनः शुरू किया, जिसके बाद अब तक 69 लाख 50 हजार नए पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए के अंतर्गत जोड़ा जा चुका है।
यह प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा उपलब्धियों में से एक है, जिससे वंचित वर्गों के जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।
‘गिव अप अभियान’ बना बदलाव की ताकत
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू हुआ “गिव अप अभियान” इस ऐतिहासिक उपलब्धि का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ है।
1 नवम्बर 2024 से आरंभ इस अभियान के तहत 41.95 लाख से अधिक अपात्र लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़कर सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया, जबकि 27 लाख से अधिक व्यक्ति ई-केवाईसी नहीं करवाने के कारण स्वतः सूची से बाहर हो गए।
इससे नए पात्र लाभार्थियों के लिए स्थान उपलब्ध हुआ।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में 10 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया था, जो निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया गया।
यह अभियान अब जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
सरल प्रक्रिया और पारदर्शी वितरण व्यवस्था
राज्य सरकार ने पात्र वंचितों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है।
अब जिला कलेक्टरों को भी एनएफएसए सूची में नए लाभार्थी जोड़ने का अधिकार दिया गया है।
साथ ही, सक्षम लाभार्थी www.food.rajasthan.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपना नाम सूची से हटवा सकते हैं, जिससे पारदर्शिता और न्यायसंगतता सुनिश्चित हुई है।
एक ही मंच से कई योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री की इस पहल से पात्र वंचितों को न केवल खाद्य सुरक्षा प्राप्त हो रही है, बल्कि वे अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जुड़ रहे हैं —
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं,
- मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना में 450 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से वर्ष में 12 सिलेंडर,
- मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना में 5 लाख रुपये का निःशुल्क बीमा,
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा।
सशक्त और समृद्ध राजस्थान की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों और प्रशासनिक दक्षता से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का यह विस्तार सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को साकार करने वाला ऐतिहासिक कदम है।
राजस्थान सरकार की यह पहल “आपणो अग्रणी राजस्थान” के संकल्प को मूर्त रूप दे रही है और सशक्त, समृद्ध तथा आत्मनिर्भर राजस्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।