मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला कलेक्टर्स को दिए निर्देश — गंभीर घायल और सेवानिवृत्त जांबाजों की समस्याओं का करें तत्काल समाधान
02 नवम्बर 2025, जयपुर
नरेश गुनानी •
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा सेवाओं के दौरान घायल हुए और सेवानिवृत्ति के बाद समस्याओं का सामना कर रहे वीर सैनिकों की शिकायतों का त्वरित और प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले ये वीर हमारे गौरव और प्रेरणा स्रोत हैं। इनके सम्मान और पुनर्वास से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद-निरोधी कार्रवाई में घायल हुए या सेवा के बाद आर्थिक व स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों से जूझ रहे जांबाजों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की विशेष प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र वीर सैनिकों, शहीद परिवारों और युद्ध में दिव्यांग हुए सैनिकों को सरकारी योजनाओं, पेंशन और अन्य प्रावधानों का पूर्ण लाभ समय पर मिले।
जिला कलेक्टर्स करें व्यक्तिगत मॉनिटरिंग, जरूरत पड़ने पर लगाएं विशेष शिविर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि औपचारिकताओं या प्रक्रियागत बाधाओं के कारण किसी भी स्तर पर सहायता में विलंब नहीं होना चाहिए। जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी प्रकरणों की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करें और जरूरत पड़ने पर विशेष शिविर आयोजित कर वीर सैनिकों की समस्याओं का समाधान करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा बलों, सेना, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस में सेवा दे चुके उन सभी जांबाजों की सूची तैयार की जाए, जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वीर सैनिकों और सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे वीर सैनिकों के मान-सम्मान और सहयोग में आगे आएं तथा समाज में उनके योगदान को सदैव याद रखें।