मुख्यमंत्री ने ली राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री ने ली राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक

बजट घोषणाओं के कार्य समय पर पूरे करने और किसानों को तकनीक से जोड़ने पर दिया जोर

जयपुर, 2 सितम्बर। गौरव कोचर। टेलीग्राफ टाइम्स 
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के मानकों पर खरा उतरते हुए आमजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिया कि बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही, भूमि आवंटन, डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे।

Photo credit Telegraph Times

मुख्यमंत्री मंगलवार को अपने कार्यालय में राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग तकनीक और प्रौद्योगिकी का उपयोग कर काश्तकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में किसानों को स्वयं फसल गिरदावरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एग्रीस्टेक मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए इस ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

गांव चलो अभियान से सुलभ होंगी सरकारी सेवाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 सितम्बर से प्रदेशभर में सप्ताह में तीन दिन ‘गांव चलो अभियान’ संचालित किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के दौरान सीमाज्ञान, सहमति विभाजन, नामांतरण जैसे लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी ग्रामीण अभियान के लाभ से वंचित न रहे।

पुराने भवनों की मरम्मत व गुणवत्ता पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले दो वर्षों में घोषित भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तय समय पर पूरा किया जाए और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पुराने भवनों की आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके।

उन्होंने जैसलमेर जिले के सामान्य आवंटन के लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए विशेष योजना बनाने और 15 दिन का अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, विभाग की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए नियमों में यथासंभव संशोधन और सरलीकरण पर भी बल दिया।

किसानों की पहचान और भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि फार्मर रजिस्ट्री योजना के तहत किसानों के आधार नंबर को राजस्व रिकॉर्ड से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। अब तक 87 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी है। साथ ही, राज्य के 48,463 गांवों की जियो-रेफरेंस शीट फाइल भू-नक्शा पोर्टल पर अपलोड कर 4.49 करोड़ यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) जारी किए जा चुके हैं।

अन्य विषयों पर भी हुई चर्चा

बैठक में राजस्व न्यायालयों के लिए रेवेन्यू कोर्ट मॉडर्नाइजेशन सिस्टम, राजस्व इकाइयों का पुनर्गठन, पूर्णकालिक सरकारी अधिवक्ताओं को रिटेनर शुल्क, उपनिवेशन क्षेत्र में भूमि आवंटन की दर में परिवर्तन, ग्राम दान एवं भूदान अधिनियम सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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