नरेश गुनानी
जयपुर, 07 अप्रेल 2026
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले कार्यकाल की तुलना में विकास की गति को कई गुना बढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल 25 महीनों के कार्यकाल में ही सरकार ने उन लक्ष्यों को प्राप्त किया है, जिन्हें पिछली सरकार पूरे पांच साल में भी नहीं छू सकी थी।
फार्म पौंड निर्माण और अनुदान में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि सिंचाई और जल संचयन के क्षेत्र में सरकार ने क्रांतिकारी बदलाव किए हैं:
- निर्माण: वर्तमान सरकार के 25 माह के कार्यकाल में 35 हजार 368 फार्म पौंड बनाए गए हैं। इसके मुकाबले, पिछली सरकार ने अपने शुरुआती 25 महीनों में केवल 8 हजार 152 फार्म पौंड का निर्माण ही किया था।
- वित्तीय सहायता: फार्म पौंड पर कृषकों को दिए जाने वाले अनुदान में भारी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान सरकार ने किसानों को 303 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया, जबकि पिछली सरकार द्वारा इसी समयावधि में मात्र 48 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया था।
कृषि कल्याण की अन्य योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी सरकार ने खेतों की तारबंदी, शेडनेट हाउस का निर्माण, स्वामित्व कार्ड वितरण, डिग्गी निर्माण और गोशालाओं को सहायता देने जैसे कार्यों में पिछली सरकार की तुलना में कई गुना अधिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
प्रमुख मंत्रियों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर केंद्र एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी
- कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा
- मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना
- गुजरात के कृषि राज्य मंत्री रमेश भाई कटारा
- महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय विठोबा भरणे
- गोवा के सामाजिक कल्याण मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई
बैठक में प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव वी. श्री निवास, केंद्रीय कृषि सचिव अतिश चंद्रा, और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक डॉ एम.एल. जाट सहित केंद्र एवं राज्य के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।