मुख्यमंत्री का ‘एक्शन’ मोड: राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का औचक निरीक्षण, परिवादियों से फोन पर की सीधी बात
जयपुर | 30 जनवरी, 2026
| सुनील शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि स्वयं हेडफोन लगाकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए परिवादियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं का फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ आमजन की हर समस्या के निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और उनका समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री और परिवादियों के बीच बातचीत के मुख्य अंश:
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कई नागरिकों से आत्मीयता के साथ बात की और अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए:
- दिव्यांग सहायता: कोटपूतली-बहरोड़ की पिंकी यादव ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत राहत देने को कहा।
- प्रमाण पत्रों का मुद्दा: डूंगरपुर के जितेंद्र और जयपुर की लाजवंती ने जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र न बनने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
- पट्टा जारी करने की समस्या: चूरू (रतनगढ़) के किशनलाल ने बताया कि उनका मकान का पट्टा ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रकरण का जल्द समाधान कर पट्टा जारी किया जाए।
जन कल्याणकारी योजनाओं का लिया फीडबैक
समस्याओं के समाधान के साथ-साथ भजनलाल शर्मा ने आमजन से राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के बारे में भी पूछा। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि क्या योजनाओं का लाभ धरातल पर पात्र व्यक्तियों तक बिना किसी बाधा के पहुँच रहा है।
मुख्यमंत्री के अधिकारियों को निर्देश:
- कठोर मॉनिटरिंग: 181 हेल्पलाइन पर पंजीकरण से लेकर समाधान तक की प्रक्रिया का प्रभावी फॉलो-अप किया जाए।
- त्वरित निस्तारण: शिकायतों को अनावश्यक लंबित न रखा जाए; आमजन को दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना ही सरकार का लक्ष्य है।
- सुशासन का मंत्र: प्रशासन को जनता के प्रति संवेदनशील बनाया जाए ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी न्याय मिल सके।
मुख्यमंत्री के इस कदम से राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली में और अधिक तेजी आने की उम्मीद है। अब घर बैठे 181 के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराने वाले परिवादियों को उम्मीद है कि उनकी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुँच रही है।

