मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, विश्वास और शांति का सशक्त माध्यम – राज्यपाल
27 सितम्बर 2025 | जयपुर , नरेश गुनानी
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को ब्रह्माकुमारी के शांतिवन परिसर में आयोजित नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ करते हुए कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह लोकतंत्र की जड़ों को सींचकर उसे सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज में विश्वास, एकता और शांति बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम है और भारतीय लोकतंत्र को अक्षुण्ण रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृति है। हजारों वर्षों तक अनेक आक्रमणों और कुत्सित प्रयासों के बावजूद हमारी संस्कृति नष्ट नहीं हुई बल्कि और अधिक सशक्त हुई। उन्होंने उल्लेख किया कि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारतीय संस्कृति को क्षति पहुँचाने का प्रयास किया, फिर भी हमारी परंपराएं आज भी जीवित हैं।
उन्होंने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब विश्व में मात्र छह विश्वविद्यालय थे, तब भारत के पास दो विशाल ज्ञान केंद्र थे। योगियों और महात्माओं की वजह से भारत ने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया और सर्वधर्म को सम्मान देने की परंपरा को कायम रखा।
मीडिया की भूमिका और जिम्मेदारी
राज्यपाल ने कहा कि मीडिया का हर माध्यम आज के समय में समाज को दिशा देने और राष्ट्रहित में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मीडिया का निष्पक्ष और रचनात्मक योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित और शांति को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें।
सामूहिक प्रयासों से प्रगति
राज्यपाल ने कहा कि भारत आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में अग्रणी है। यह प्रगति केवल सामूहिक प्रयासों और समाज के हर वर्ग की भागीदारी से संभव हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मीडिया की सकारात्मक भूमिका देश को आगे बढ़ाने में निरंतर सहायक बनी रहेगी।
कॉन्फ्रेंस में देशभर से आए पत्रकार, मीडिया प्रतिनिधि और ब्रह्माकुमारी संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

