प्रीति बालानी
जयपुर, 8 अप्रैल 2026
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी फ्लेगशिप योजना मिशन ‘हरियालो राजस्थान’ को धरातल पर उतारने और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए शासन सचिवालय में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को नवनिर्मित ‘हरियालो एप’ के संचालन और तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया गया।
तकनीक से लैस होगा हरित अभियान
मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- जियो-टैगिंग और मॉनिटरिंग: अधिकारियों को पौधों की जियो-टैगिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और फोटो अपलोड करने की चरणबद्ध प्रक्रिया सिखाई गई।
- री-जियो टैगिंग: पूर्व के वर्षों में लगाए गए पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए उनकी नियमित री-जियो टैगिंग की प्रणाली पर विस्तार से चर्चा हुई।
- डाटा प्रबंधन: एप के माध्यम से रिपोर्टिंग और डाटा मैनेजमेंट को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
सड़क किनारे फलदार पौधों को प्राथमिकता
प्रशिक्षण के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास), शिखा मेहरा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के प्रतिनिधियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- सड़क किनारे पौधारोपण के लिए प्राथमिकता से उपयुक्त स्थलों का चयन किया जाए।
- इन स्थलों पर यथासंभव फलदार पौधे लगाए जाएं ताकि पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय पारिस्थितिकी को भी लाभ मिले।
- सभी विभाग अपनी कार्य योजना, जैसे गड्ढे खोदना और पौधों की खरीद की तैयारी समय रहते पूर्ण करें।
ऑनलाइन प्रशिक्षण का अगला चरण
प्रशिक्षण में निर्णय लिया गया कि व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह से मई माह तक ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें जिला स्तर के सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगे।
ऑनलाइन पौधा खरीद प्रक्रिया
संयुक्त निदेशक (आई.टी.), राजेश वशिष्ठ ने जानकारी दी कि विभिन्न विभागों द्वारा पौधों की खरीद को सरल बनाने के लिए FMDSS पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग की नर्सरियों से ऑनलाइन पौधे क्रय करने की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट किया।
इस कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास), एस.आर. वेंकटेश्वर मूर्थी, मुख्य वन संरक्षक (आयोजना), वन विभाग के नोडल अधिकारी तथा विभिन्न हितधारक विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
