जयपुर/ नरेश गुनानी/केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘मिशन कर्मयोगी’ कार्यक्रम के तहत राजस्थान ने अपनी प्रशासनिक दक्षता और क्षमता निर्माण का लोहा मनवाते हुए लगातार दूसरे महीने देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लर्निंग आउटकम और सिविल सेवा क्षमता निर्माण पर आधारित नवीनतम रैंकिंग में राजस्थान 62.49 के उत्कृष्ट कंपोजिट स्कोर के साथ राज्य श्रेणी ‘C’ (सर्वाधिक जनसंख्या वाले बड़े राज्यों) में पहले पायदान पर रहा है।
प्रशिक्षण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) की महानिदेशक श्रेया गुहा ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य की यह उपलब्धि सिविल सेवा सुधार, कार्मिकों के निरंतर कौशल उन्नयन और आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालने की दिशा में चल रहे प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
कुशल नेतृत्व और रणनीतिक मार्गदर्शन का परिणाम
श्रेया गुहा ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कार्यशैली को दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में प्रदेश भर के अधिकारियों और कर्मचारियों में निरंतर सीखने (Continuous Learning) की संस्कृति विकसित की गई है। प्रशासनिक तंत्र को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से कर्मियों को आधुनिक तकनीकों और कौशलों से लगातार लैस किया जा रहा है।
एचसीएम रीपा की नोडल एजेंसी के रूप में सक्रिय भूमिका
इस पूरे अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वय में हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) नोडल विभाग के रूप में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संस्थान द्वारा iGOT कर्मयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर:
- राज्य के सभी विभागों के कार्मिकों की शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित की जा रही है।
- ऑनलाइन लर्निंग और विशिष्ट पाठ्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
- नियमित मॉनिटरिंग और क्षमता निर्माण की विभिन्न गतिविधियों के जरिए कर्मियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाई जा रही है।
लगातार दूसरे माह प्राप्त यह शीर्ष रैंकिंग ‘सीखते हुए प्रशासन’ और ‘उत्कृष्टता की ओर बढ़ते राजस्थान’ के संकल्प को सुदृढ़ करती है, जिससे शासन और जनसेवा वितरण प्रणाली में व्यापक गुणात्मक सुधार आ रहा है।