4 संदिग्ध फर्मों पर प्रवर्तन शाखा-तृतीय की छापेमारी कार्रवाई
टोंक/मालपुरा,21 जुलाई 2026 दिव्या तिवाड़ी/राज्य कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-तृतीय (Enforcement Wing-III) ने टोंक जिले के मालपुरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बिलिंग और कर अपवंचन (Tax Evasion) के खेल का पर्दाफाश किया है। इंटेलिजेंस इनपुट और डेटा एनालिटिक्स से मिले सटीक सुरागों के आधार पर विभाग ने तिलहन, खाद्य तेल तथा रिफाइंड चीनी के कारोबार से जुड़ी 4 प्रमुख व्यावसायिक फर्मों पर सर्च एवं जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया।
बिना माल परिवहन के फर्जी आईटीसी पास ऑन करने का खेल
विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन फर्मों द्वारा माल के वास्तविक परिवहन के बिना ही बड़े पैमाने पर फर्जी बिल जारी किए जा रहे थे। इस बोगस बिलिंग के जरिए बड़े स्तर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पास ऑन कर राज्य के राजस्व को करोड़ों रुपये का चूना लगाने की गंभीर आशंका जताई गई है।
लैपटॉप और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त
कार्रवाई के दौरान जब विभागीय टीम ने मौके पर मौजूद कारोबारी दस्तावेजों का लेखा पुस्तकों (Books of Accounts) से मिलान किया, तो व्यापारी इनका कोई संतोषजनक सत्यापन प्रस्तुत नहीं कर सके। विसंगतियां पाए जाने पर टीम ने मौके से महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड, बिल बुक, रजिस्टर तथा लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विस्तृत जांच हेतु जब्त कर लिए हैं।
एक ही व्यक्ति के नियंत्रण में थीं चारों फर्म
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि देखने में अलग-अलग नजर आने वाली इन चारों व्यावसायिक फर्मों का वास्तविक संचालन और नियंत्रण एक ही व्यक्ति के हाथ में था। पिछले 5 वर्षों के दौरान इन फर्मों द्वारा किए गए लगभग 6.56 करोड़ रुपये के कर संबंधी संव्यवहार (Tax Transactions) संदिग्ध पाए गए हैं, जिनकी अब परत-दर-परत गहनता से जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए दस्तावेजों और लैपटॉप में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डेटा की गहन स्क्रूटनी (Scrutiny) की जा रही है। डेटा विश्लेषण पूरा होने के बाद ही फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग, वास्तविक कारोबार के आंकड़ों और कुल कर अपवंचन की सटीक राशि का अंतिम खुलासा हो सकेगा। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के संदिग्ध कारोबारियों में हड़कंप व्याप्त है।