जयपुर, 25 जून 2026 / प्रीति बालानी/आगामी मानसून सत्र के दौरान राजस्थान में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न होने वाली किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) ने पूरी तरह कमर कस ली है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपदा के जोखिम को कम से कम करने के उद्देश्य से आज, 25 जून को एसडीआरएफ की विभिन्न कंपनियों से गठित कुल 70 रेस्क्यू टीमों को आधुनिक राहत उपकरणों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावित 35 जिलों के लिए रवाना किया गया है।
जयपुर स्थित एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से राज्य आपदा प्रतिसाद बल के कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने इन टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जयपुर के अतिरिक्त अन्य जिलों में तैनात होने वाली रेस्क्यू टीमों को संबंधित कंपनी मुख्यालयों से वहां के कंपनी प्रभारियों द्वारा रवाना किया गया।
अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होकर मैदान में उतरे जवान
कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि अत्यधिक वर्षा, जलभराव और नदियों या बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न होने वाली बाढ़ की स्थिति में नागरिकों का जीवन बचाना एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में तैनात की जा रही इन 70 रेस्क्यू टीमों को अत्याधुनिक संसाधनों और खोज-बचाव उपकरणों से लैस किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- त्वरित आवागमन के लिए अत्याधुनिक मोटरबोट
- पानी में सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय
- गहरे पानी में रेस्क्यू के लिए डीप डाइविंग उपकरण
- आधुनिक संचार साधन और खोज-बचाव (Search and Rescue) उपकरण
ये टीमें धरातल पर स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित कर त्वरित राहत कार्य संपादित करेंगी।
गत वर्ष 1,237 लोगों को मिला था जीवनदान
बाढ़ राहत में एसडीआरएफ के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को साझा करते हुए कमान्डेंट ने बताया कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान 21 जून 2025 से 11 अक्टूबर 2025 तक बल के जांबाजों ने राज्य में 333 सफल रेस्क्यू ऑपरेशन्स चलाकर 1,237 लोगों की जान बचाई थी। इस बार भी टीमों को मैदान में उतारने से पूर्व सावधानीपूर्वक और तय एसओपी (Standard Operating Procedure) के अनुरूप ही रेस्क्यू ऑपरेशन संपादित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
जयपुर और भरतपुर संभाग में सर्वाधिक मुस्तैदी, देखें जिलों में तैनाती की स्थिति
एसडीआरएफ मुख्यालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, राज्य के सभी संवेदनशील और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में टीमों का रणनीतिक नियोजन (Strategic Deployment) किया गया है।
जिलों के अनुसार टीमों की तैनाती का पूरा विवरण इस प्रकार है:
|
तैनात टीमों की संख्या |
संबंधित जिले/क्षेत्र |
|---|---|
|
8 टीमें (सर्वाधिक) |
जयपुर आयुक्तालय (कमिशन्रेट) |
|
7 टीमें |
भरतपुर जिला |
|
6 टीमें |
कोटा (हाड़ौती अंचल) |
|
3-3 टीमें |
उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर |
|
2-2 टीमें |
जयपुर ग्रामीण, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर |
|
1-1 टीम |
दौसा, अलवर, डूंगरपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी, सलूम्बर, ब्यावर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, फलोदी, सिरोही, पाली, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर |
भौगोलिक स्थिति और नदी-नालों के जलस्तर की संवेदनशीलता को देखते हुए इन सभी 35 चिन्हित जिलों में तैनात 70 टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी सूचना पर तत्काल रेस्क्यू के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।