मानसून पूर्व तैयारियां: 15 जून से 24 घंटे सक्रिय रहेंगे राज्य और जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता

नरेश गुनानी 

जयपुर, 11 जून 2026: राज्य में आगामी मानसून के मद्देनजर आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ग्राम स्तर तक चेतावनी और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा के समय त्वरित राहत पहुंचाने के साथ-साथ पूर्व चेतावनी और समयबद्ध तैयारी के जरिए जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

​बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, 15 जून 2026 से राज्य और जिला स्तर के आपदा नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) 24 घंटे सातों दिन (24×7) सक्रिय हो जाएंगे। इसके साथ ही आमजन की सहायता के लिए हेल्पलाइन सेवाएं भी पूरी तरह काम करना शुरू कर देंगी।

​मानसून से निपटने के लिए प्रमुख रणनीतियां और निर्देश:

​आपदा प्रबंधन मंत्री ने संभावित अतिवृष्टि (भारी बारिश), जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सतत समन्वय: मौसम विभाग, जल संसाधन विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र के बीच लगातार तालमेल बनाकर जलभराव और बाढ़ की स्थितियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
  • संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग: बाढ़ या जलभराव के लिहाज से संवेदनशील और निचले इलाकों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
  • राहत शिविर और निकासी योजना: प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘इवेक्युएशन प्लान’ (निकासी योजना) को अपडेट किया गया है और राहत शिविरों में सभी जरूरी इंतजाम समय से पहले पूरे करने को कहा गया है।
  • बचाव दलों की तैनाती: खोज और बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) दलों को प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशील स्थानों के पास तैनात किया जाएगा।
  • नागरिक सुरक्षा बल की मुस्तैदी: नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्याप्त संख्या में जवानों और बचाव कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

​उच्च स्तरीय बैठक में रही इन अधिकारियों की मौजूदगी

​बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर मानसून पूर्व की गई तैयारियों, कार्ययोजनाओं और उपलब्ध संसाधनों (जैसे नाव, लाइफ जैकेट, ड्रेनेज पंप आदि) का ब्योरा प्रस्तुत किया।

​इस महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में निम्नलिखित शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे:

विभाग

अधिकारी

आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग

अतिरिक्त मुख्य सचिव

जल संसाधन विभाग

अतिरिक्त मुख्य सचिव

सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD)

अतिरिक्त मुख्य सचिव

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (UDH)

अतिरिक्त मुख्य सचिव

बैठक के अंत में ओटाराम देवासी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के साथ काम करने और आम जनता की सुरक्षा को सबसे ऊपर यानी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने की हिदायत दी।

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