नई दिल्ली/ प्रीति बालानी
भीषण गर्मी से जूझ रहे देश के लिए राहत के साथ-साथ अब आफत की भी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के रास्ते देश में दस्तक देने के बाद अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और यह कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों तथा पूरे गोवा को कवर करते हुए आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के लिए देश के कई राज्यों में ‘भारी से अत्यधिक भारी बारिश’ का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
1. इन राज्यों में अगले 7 दिन ‘भयंकर बारिश’ की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। सबसे ज्यादा असर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिलेगा:
दक्षिण भारत (South India)
- केरल और तटीय कर्नाटक: यहाँ मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। अगले 7 दिनों तक इन क्षेत्रों में 7 से 20 सेंटीमीटर (भारी से बहुत भारी) और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- गोवा और कोंकण क्षेत्र: मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों (कोंकण) में भी मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश: इन राज्यों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत (North-East India)
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। गुवाहाटी समेत कई इलाकों में प्रशासन ने जलभराव और भूस्खलन (Landslides) को लेकर अलर्ट जारी किया है।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ भी व्यापक रूप से बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
2. उत्तर-पश्चिम भारत: आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का डबल अटैक
एक तरफ जहाँ दक्षिण में मानसून बरस रहा है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में बने चक्रवाती तंत्र (Cyclonic Circulation) के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
- राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन राज्यों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली धूल भरी आंधी (Dust storm) और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी है। राजस्थान के कुछ हिस्सों (धौलपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा) में हाल ही में आए अंधड़ से नुकसान भी हुआ है, इसलिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है।
3. मौसम विभाग (IMD) का मुख्य अलर्ट
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क्षेत्र/राज्य |
अलर्ट का प्रकार |
संभावित प्रभाव |
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केरल और तटीय कर्नाटक |
रेड / ऑरेंज अलर्ट |
बाढ़ जैसी स्थिति, निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ना। |
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असम और मेघालय |
ऑरेंज अलर्ट |
स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, सड़कों पर जाम, दृश्यता (Visibility) कम होना। |
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उत्तर प्रदेश और राजस्थान |
येलो अलर्ट (आंधी/तूफान) |
तेज हवाएं (50-60 किमी/घंटा), धूल का गुबार, पेड़ और होर्डिंग्स गिरने का खतरा। |
मौसम वैज्ञानिक की राय: “इस साल मानसून का आगमन सामान्य से थोड़ा रुककर हुआ है, लेकिन अब यह बेहद सक्रिय स्थिति में है। अरब सागर से आ रही नम हवाएं दक्षिण और पश्चिमी तटों पर भारी दबाव बना रही हैं, जिससे अगले एक हफ्ते तक भारी बारिश की स्थितियां बनी रहेंगी।”
4. आम जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन (सावधानियां)
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें: शहरी और निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव की स्थिति में घरों से बाहर निकलने से बचें और उफनती नदियों या झरनों के पास न जाएं।
- यात्रा में बरतें सावधानी: पहाड़ी और घाट वाले क्षेत्रों (जैसे वायनाड, मुन्नार, कूर्ग, कोंकण) की यात्रा करने वाले पर्यटक मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें। भूस्खलन संभावित रास्तों पर जाने से बचें।
- आंधी-तूफान के समय सुरक्षित रहें: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आंधी के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें।
- आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें: सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचें और केवल मौसम विभाग (IMD) या स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी बुलेटिन को ही सही मानें।