मानसरोवर हिट एंड रन केस: तेज रफ्तार ऑडी ने मचाया कोहराम, एक की मौत; पुलिस ने सिपाही समेत चार को किया डिटेन
जयपुर | 10 जनवरी, 2026
| गौरव कोचर
राजधानी के मानसरोवर इलाके में स्थित खरबास सर्किल के पास शुक्रवार रात एक बेकाबू ऑडी कार ने भीषण तबाही मचाई। तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे ढाबे और ठेलों पर खड़े लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में रमेश बैरवा नामक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में प्रयुक्त ऑडी कार और मुख्य आरोपी को भगाने में इस्तेमाल की गई दूसरी गाड़ी को जब्त कर लिया है।
सिपाही और डॉक्टर समेत चार लोग हिरासत में
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि इस सनसनीखेज वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक चार लोगों को डिटेन किया है। हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल हैं:
- मुकेश: जयपुर पुलिस आयुक्तालय की पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल (संख्या 12018)।
- पप्पू: निवासी रेनवाल मांझी।
- सुमित चौधरी और डॉ. अशोक मीणा: इन दोनों पर मुख्य आरोपी चालक को मौके से भगाने में मदद करने का आरोप है।
हादसे के वक्त कार में चार लोग सवार थे, जिनमें चालक दिनेश रणवा, कांस्टेबल मुकेश, पप्पू और मांगीलाल शामिल थे। पुलिस फरार चालक दिनेश रणवा की तलाश में दबिश दे रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के उड़े होश, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऑडी कार (नंबर DD02G5709) इतनी तेज थी कि ढाबे और ठेलों पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुँचाया। मृतक रमेश बैरवा के शव को जयपुरिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मौके पर FSL और मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट ने पहुँचकर साक्ष्य जुटाए और पूरी घटना की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई गई।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
भांकरोटा निवासी राजेंद्र उर्फ राजू खारोल की रिपोर्ट पर पुलिस ने गंभीर आपराधिक धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि क्या कार सवार नशे में थे या यह किसी अन्य लापरवाही का परिणाम था। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त जाब्ता भी तैनात किया है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
राजर्षि राज के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी आधार पर पीछा करते हुए उन लोगों को चिन्हित किया जिन्होंने मुख्य आरोपी को शरण दी या उसे भगाने में सहयोग किया। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग से ही क्यों न जुड़ा हो।

