मानसरोवर जैन मंदिर में वार्षिक उत्सव का भव्य आगाज़: ‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’ का दिया संदेश
| योगेश शर्मा
जयपुर। मानसरोवर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका नन्दीश्वरमती माताजी के पावन सानिध्य में वार्षिक उत्सव का उमंग और उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। दीपा दीदी और प्रतिष्ठाचार्य दीपक भैया के कुशल निर्देशन में आयोजित इस महोत्सव के प्रथम दिन भक्ति और अध्यात्म की अविरल धारा बही।
ध्वजारोहण एवं भक्तिमय पूजन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः काल श्रीजी के अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुई। इसके पश्चात ओम प्रकाश-रेखा बडजात्या परिवार द्वारा ध्वजारोहण कर वार्षिक उत्सव का विधिवत शंखनाद किया गया। महोत्सव के प्रथम चरण में संगीतमय भगवान महावीर विधान पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें इंद्र-इंद्राणियों ने अष्टद्रव्य से प्रभु की आराधना की।
पुण्यार्जक परिवार और इंद्र गण:
- सौधर्म इंद्र: पुरनमल – ललिता अनोपढ़ा
- यज्ञ नायक: इंद्र मुकुट
- प्रमुख इंद्र: हेमेन्द्र – कल्पना सेठी (यज्ञ नायक), संतोष – मंजु कासलीवाल (कुबेर), सुधीर – अंजली बोहरा (सनत कुमार)
- विशेष सहयोग: सामग्री पुण्यार्जक दूलीचंद, विजय, संजय जैन; शास्त्र भेंट कर्ता राजेंद्र – रेखा जैन एवं वस्त्र भेंट का सौभाग्य कृष्णा जैन को प्राप्त हुआ। चौमूं जैन समाज ने पाद प्रक्षालन कर पुण्य लाभ लिया।
आर्यिका नन्दीश्वरमती माताजी का पावन उद्बोधन
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका नन्दीश्वरमती माताजी ने कर्म सिद्धांत की व्याख्या की। उन्होंने कहा:
”संसार का प्रत्येक प्राणी सुखी होना चाहता है, लेकिन वह दुख के कारणों को त्यागने को तैयार नहीं है। हम विपरीत क्रियाएं करके सुख की अभिलाषा करते हैं, जो संभव नहीं है। यदि आपने बबूल का पेड़ बोया है, तो आम के फल की इच्छा व्यर्थ है। याद रखें, जैसा करोगे, वैसा ही भरोगे।”
धार्मिक मनोरंजन और आगामी कार्यक्रम
उत्सव की संध्या को महिला मंडल द्वारा धार्मिक हाऊजी का रोचक आयोजन किया गया, जिसमें समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संगठन मंत्री सुनील जैन गंगवाल ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि:
- द्वितीय दिन: मानस्तंभ वेदी पर विराजमान प्रतिमाओं का इंद्रों द्वारा अभिषेक किया जाएगा।
- संध्या कार्यक्रम: शाम को दीपकों के साथ भक्तिमय भक्तामार स्तोत्र का सामूहिक पाठ होगा।
समाज की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष जेके जैन, मंत्री ज्ञान बिलाला, हेमेन्द्र सेठी, राजेंद्र सोनी, सुनील गोधा, सुनील गंगवाल, अनिल सोढ़ा वाले, अभिषेक जैन, कैलाश सेठी, संतोष कासलीवाल, सतीश कासलीवाल, दिनेश जैन, विनोद जैन, अरविंद गंगवाल, प्रमोद गंगवाल, नवीन बाकलीवाल, सुरेंद्र जैन, शशांक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

