नरेश गुनानी
अलवर, 24 अप्रैल 2026 ‘मानव एकता दिवस’ के पावन अवसर पर अलवर जिले में सेवा और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिला। संत निरंकारी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निरंकारी बाबा गुरुवचन सिंह महाराज के बलिदान दिवस की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
रक्तदान ही सबसे बड़ी सेवा: संजय शर्मा शिविर में उपस्थित रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए संजय शर्मा ने कहा कि रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता के प्रति सबसे बड़ा कर्तव्य है। उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:
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- जीवनदान का माध्यम: रक्तदान को ‘महादान’ की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी मरणासन्न व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है।
- युवाओं की भूमिका: उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि सामाजिक कार्यों में युवाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है, जो एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए अनिवार्य है।
- सेवा की प्रेरणा: ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में जीव मात्र की सेवा और करुणा के भाव जागृत होते हैं।
”समाज के हर वर्ग को आगे आकर रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। मानवता की सेवा के लिए उठाए गए ऐसे कदम वास्तव में सराहनीय हैं।”
— संजय शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री —
शिविर का महत्व और आयोजन संत निरंकारी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह शिविर बाबा गुरुवचन सिंह महाराज के संदेश “रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहना चाहिए” को चरितार्थ करने के उद्देश्य से लगाया गया था।
आयोजन की मुख्य झलकियाँ: 1. रक्तवीरों का सम्मान: मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से रक्तदाताओं से मुलाकात की और उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी हौसला-अफजाई की।
2. भारी उत्साह: सुबह से ही शिविर स्थल पर युवाओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ देखी गई।
3. स्वास्थ्य जागरूकता: शिविर के माध्यम से लोगों को रक्तदान से जुड़े स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया।
इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, ट्रस्ट के सेवादार और चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिविर का समापन सफलतापूर्वक हुआ, जिसमें भारी मात्रा में रक्त यूनिट एकत्रित किया गया।