मानवीय पहल: ‘मेरी पहल’ एनजीओ से मुक्त कराए गए 18 लोगों का हुआ पुनर्वास, 4 लाख रुपये प्रतिकर मंजूर

मानवीय पहल: ‘मेरी पहल’ एनजीओ से मुक्त कराए गए 18 लोगों का हुआ पुनर्वास, 4 लाख रुपये प्रतिकर मंजूर

| गौरव कोचर

जयपुर, 21 दिसंबर 2025। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के निर्देशन में जयपुर प्रशासन और विधिक प्राधिकरण ने एक बड़ी मानवीय सफलता हासिल की है। ‘मेरी पहल’ संस्था में बंधक बनाए गए 18 व्यक्तियों को न केवल सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, बल्कि उनके पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए भी त्वरित कदम उठाए गए हैं। इस कार्यवाही के बाद अपने परिजनों से मिलकर रेस्क्यू किए गए लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई है।

परिजनों से मिलन और पुनर्वास की प्रक्रिया

​जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय की सचिव पल्लवी शर्मा एवं जिला सचिव पवन जीनवाल ने बताया कि 17 दिसंबर को चलाए गए रेस्क्यू अभियान के बाद सभी 18 व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु युद्धस्तर पर कार्य किया गया:

  • महिला पुनर्वास: कुल महिलाओं में से 5 को उनके परिजनों से संपर्क कर सुरक्षित घर भिजवाया गया। 2 मानसिक विमंदित महिलाओं को विशेष गृह में भेजा गया है, जबकि एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को वृद्धाश्रम में आश्रय दिया गया है। अन्य 3 महिलाओं को ‘शक्ति स्तंभ’ संस्था में रखा गया है, जहाँ उनके परिजनों की तलाश जारी है।
  • पुरुष पुनर्वास: रेस्क्यू किए गए 6 पुरुषों को धौलपुर, करौली (राजस्थान) तथा उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, इलाहाबाद एवं जालौन जिलों के संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरणों से समन्वय स्थापित कर उनके परिवारों को सौंपा गया। एक मानसिक विमंदित पुरुष को उपचार एवं देखभाल हेतु विमंदित गृह भेजा गया है।

4 लाख रुपये का पीड़ित प्रतिकर जारी

​पुनर्वास की कार्यवाही को और सुदृढ़ बनाने के लिए जिला एवं सेशन न्यायाधीश और अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर महानगर द्वितीय) रीटा तेजपाल की अध्यक्षता में ‘पीड़ित प्रतिकर मीटिंग’ का आयोजन किया गया।

​बैठक में त्वरित निर्णय लेते हुए रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों से संबंधित 16 प्रार्थना-पत्रों पर विचार किया गया और कुल 4,00,000 (चार लाख रुपये) का प्रतिकर (Compensation) दिए जाने के आदेश पारित किए गए। यह राशि इन व्यक्तियों को उनके नए जीवन की शुरुआत करने में मदद करेगी।

बैठक में मौजूद रहे प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण बैठक में न्यायिक और प्रशासनिक अमले के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें:

  • शिव कुमार (न्यायाधीश, एमएसीटी प्रथम)
  • नवीन किलानिया (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जयपुर महानगर द्वितीय)
  • बी.पी.चंदेल (सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं जिला कलेक्टर प्रतिनिधि)
  • राजेश कुमार गुप्ता (एडीसीपी वेस्ट)
  • बजरंग सिंह (एडीसीपी नॉर्थ)
  • रमेश चंद जादौरिया (लोक अभियोजक)

​यह पूरी कार्यवाही राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा एवं सदस्य सचिव हरिओम शर्मा ‘अत्रे’ के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई। रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों और उनके परिजनों ने इस त्वरित न्याय और मानवीय दृष्टिकोण के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया है।

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