मातृभूमि से जुड़कर प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनें प्रवासी राजस्थानी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान की विकास यात्रा को गति देने और प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश के औद्योगिक एवं सामाजिक विकास से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी श्रृंखला में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बेंगलुरु में राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के अध्यक्षों और प्रवासी राजस्थानियों के साथ आयोजित एक विशेष बैठक में विचार-विमर्श किया।

​मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की संस्कृति, परंपरा, उद्यमशीलता और सामाजिक मूल्यों का ध्वजवाहक बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी समाज ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और उत्कृष्ट समाज सेवा के बल पर देश-दुनिया में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने प्रवासियों का आह्वान किया कि वे अपने वैश्विक नेटवर्क, दीर्घकालिक अनुभव और विषय-विशेषज्ञता का लाभ राजस्थान को देकर इसकी प्रगति में सक्रिय भागीदार बनें।

निवेशकों और प्रवासियों को हर संभव मदद का आश्वासन

​मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राजस्थान संभावनाओं और अवसरों की भूमि है। प्रवासी राजस्थानी नवाचार, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, स्टार्टअप्स, कृषि और जल संरक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

​राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाले प्रवासियों को राज्य सरकार हर स्तर पर पूरा सहयोग प्रदान करेगी। सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के माध्यम से निवेश के सभी प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। राजस्थान में उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक भूमि, सुदृढ़ सड़क व रेल नेटवर्क, विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक ढांचा, पर्याप्त ऊर्जा और कुशल मानव संसाधन बहुतायत में उपलब्ध हैं।

35 से अधिक नीतियां और धरातल पर उतरता निवेश

​प्रदेश में व्यापार को आसान बनाने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए सरकार ने 35 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां लागू की हैं। ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और बैटरी निर्माण, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग, फूड प्रोसेसिंग तथा आईटी एवं स्टार्टअप्स जैसे आधुनिक सेक्टर्स में निवेश को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

​मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (MoUs) में से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की ग्राउंड ब्रेकिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जो यह दर्शाता है कि निवेश प्रस्ताव तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं।

पर्यटन विकास और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण

​पर्यटन क्षेत्र में तेजी से विकास के लिए राज्य में ‘नई राजस्थान पर्यटन नीति’ लागू की गई है। इसके साथ ही, राजस्थान की अनमोल सांस्कृतिक और स्थापत्य कला धरोहर को सहेजने के लिए ‘शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना’ की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों की 662 ऐतिहासिक हवेलियों को चिन्हित कर उनके संरक्षण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।

जल संरक्षण में ‘कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान’ की सफलता

​पर्यावरण और जल सुरक्षा के क्षेत्र में प्रवासियों के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान’ का उल्लेख किया। प्रवासियों के सहयोग से प्रदेश में लगभग 45 हजार भूजल रिचार्ज एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 20 हजार से अधिक संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा भी किया जा चुका है। उन्होंने प्रवासियों से इस जल संरक्षण अभियान में और अधिक सक्रियता से जुड़ने का आग्रह किया।

राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर्स निभाएं सक्रिय भूमिका

​मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों का अपनी जन्मभूमि से एक अटूट और भावनात्मक नाता है। राज्य सरकार चाहती है कि यह नाता प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक सरोकारों को और अधिक मजबूती दे। इसके लिए उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन के सभी वैश्विक और राष्ट्रीय चैप्टर्स को एक जीवंत और सक्रिय मंच के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया ताकि प्रवासियों के सुझावों और निवेश प्रस्तावों पर त्वरित अमल किया जा सके।

​बैठक के दौरान राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के प्रमुख और अनेक गणमान्य प्रवासी राजस्थानी मौजूद रहे।

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