माइनिंग गतिविधियों से जुड़े मोबाइल एप और तैयार मॉड्यूल्स से संबंधित सभी कार्य 15 दिसंबर से होंगे पूरी तरह ऑनलाइन
- प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त — पारदर्शी व्यवस्था से स्टेकहोल्डर्स व आमजन को मिलेगी राहत, नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालयों के चक्कर
नरेश गुनानी
जयपुर, 22 नवंबर।
खान विभाग में 15 दिसंबर से माइनिंग गतिविधियों से संबंधित सभी कार्य मोबाइल एप और ऑनलाइन मॉड्यूल्स के माध्यम से ही किए जाएंगे। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रचलित मॉड्यूल्स पर कार्य पूरी तरह ऑनलाइन होगा। 1 दिसंबर से इसकी मॉनिटरिंग शुरू कर दी जाएगी और 15 दिसंबर के बाद किसी भी तरह का ऑफलाइन कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रमुख सचिव टी. रविकान्त शनिवार को कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित ओरियंटेशन कार्यशाला में जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और बीकानेर वृत के अधीक्षण खनि अभियंता, खनि अभियंता, सहायक खनि अभियंता और सूचना सहायकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पंचनामा और निरीक्षण हेतु मोबाइल एप, वेबसाइट और कुल 14 मॉड्यूल्स विकसित किए गए हैं। इनमें से अधिकतर मॉड्यूल्स उपयोग में होने के बावजूद ऑफलाइन कार्य किया जा रहा है, जिसे अब पूरी तरह रोका जाएगा।
पारदर्शिता और सुविधा में आएगी तेजी
उन्होंने कहा कि ई-रवन्ना, ई-पेमेंट, कॉन्ट्रेक्टर रजिस्ट्रेशन, एलआईएस, माइनिंग प्लान, विभागीय बकाया, नोड्यूज, डिमांड मॉड्यूल सहित सभी एप और मॉड्यूल्स का अनिवार्य उपयोग होने से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा निष्पादन की गति तेज होगी। स्टेकहोल्डर्स और आमजन को ऑनलाइन सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे अनावश्यक दबाव और हस्तक्षेप भी कम होगा।
टी. रविकान्त ने कहा कि माइंस विभाग के अधिकारी तकनीकी रूप से सक्षम हैं और बनाए गए मॉड्यूल्स तथा एप उपयोग में बेहद सरल हैं, ऐसे में अधिकारियों को आगे आकर ऑनलाइन व्यवस्था को पूर्ण रूप से अपनाना होगा।
15 दिसंबर तक सभी कार्यालयों में ऑनलाइन कार्य सुनिश्चित
निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि दो दिवसीय ओरियंटेशन कार्यशालाओं में पहले दिन जयपुर वृत तथा रविवार को उदयपुर में शेष वृतों के अधिकारियों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 15 दिसंबर तक विभाग के सभी कार्यालयों में शत-प्रतिशत ऑनलाइन कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
रविवार को उदयपुर में उदयपुर, जोधपुर आदि वृतों के अधिकारियों एवं कार्मिकों का ओरियंटेशन आयोजित होगा।
आईटी विशेषज्ञों द्वारा समाधान
अतिरिक्त निदेशक आईटी शीतल अग्रवाल ने बताया कि जयपुर और उदयपुर में आयोजित एक-दिवसीय कार्यशालाओं में आईटी विशेषज्ञ प्रतिभागियों की सभी तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं। विभाग ने 2 मोबाइल एप, 14 मॉड्यूल्स और 6 वेबसाइट आधारित ऑनलाइन एप्लीकेशन विकसित की हैं, जिनका उपयोग सुनिश्चित कराया जा रहा है।
मॉड्यूल्स का उपयोग शुरू, परीक्षा भी आयोजित
अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर ने बताया कि सभी मोबाइल एप और मॉड्यूल्स का उपयोग प्रारंभ कर दिया गया है और अब इनका शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। कार्यशाला के समापन से पूर्व प्रतिभागियों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा भी आयोजित की गई।
90 अधिकारियों ने लिया हिस्सा
जयपुर कार्यशाला के प्रभारी अधीक्षण खनि अभियंता एन.एस. शक्तावत ने बताया कि कार्यशाला में जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और बीकानेर वृत के अधिकारियों एवं सूचना सहायकों का ओरियेंटेशन किया जा रहा है।
इस अवसर पर संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, अधीक्षण खनि अभियंताओं सहित कुल 90 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

