मां दुर्गा की साधना में लीन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, आठ माह से अन्न का त्याग – नवरात्रि में सिर्फ नींबू व नारियल पानी पर चल रही साधना

मां दुर्गा की साधना में लीन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, आठ माह से अन्न का त्याग – नवरात्रि में सिर्फ नींबू व नारियल पानी पर चल रही साधना

सुनील शर्मा 

रिपोर्ट हरिप्रसाद शर्मा पुष्कर 
जयपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जब संपूर्ण देश मां दुर्गा की भक्ति में रमा हुआ है, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि गहन आध्यात्मिक साधना और आत्म-अनुशासन का पर्व बना दिया है। मुख्यमंत्री पिछले आठ माह से अन्न का पूर्ण त्याग कर चुके हैं और नवरात्रि के दौरान वे मात्र नींबू पानी और नारियल पानी के सहारे अपनी साधना को आगे बढ़ा रहे हैं।

साधना और संयम का अद्भुत उदाहरण

मुख्यमंत्री का कहना है कि यह शक्ति साधना उन्हें मां दुर्गा के आशीर्वाद से ही संभव हो पा रही है। उनका मानना है कि यह उपवास केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मबल, धैर्य और मन की एकाग्रता को विकसित करने का माध्यम है। जहां आमतौर पर लोग नवरात्रि में फलाहार या एक बार का व्रत रखते हैं, वहीं मुख्यमंत्री का व्रत सादगी और संयम का प्रतीक है। वे इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं।

योग, ध्यान और अनुशासित दिनचर्या

भजनलाल शर्मा की दिनचर्या में योग, ध्यान और नियमित वॉक शामिल है। भोजन में वे केवल फल, उबली सब्जियां, नींबू पानी, नारियल पानी, चाय और गाय का दूध ग्रहण करते हैं। उनका कहना है कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही किसी भी सेवा कार्य की मजबूत नींव है। यही कारण है कि वे आध्यात्मिक साधना को अपने प्रशासनिक कार्यों के साथ संतुलित रखते हैं।

साधना के बीच भी प्रशासनिक दायित्व पहले

नवरात्रि के नौ दिनों में भी मुख्यमंत्री ने अपने प्रशासनिक कार्यों को सर्वोपरि रखा। इस अवधि में उन्होंने 42 से अधिक सरकारी कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनमें उद्घाटन, शिलान्यास और निरीक्षण शामिल हैं। इनमें से 18 बार वे जयपुर से बाहर विभिन्न जिलों के दौरे पर भी रहे। साधना के दौरान भी उनकी कार्यशैली में कोई कमी नहीं आई।

जनता के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह त्याग और संयम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि आत्मअनुशासन और समर्पण की मिसाल भी पेश करता है। मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया है कि आस्था के साथ-साथ सेवा और कर्तव्य को सर्वोच्च रखना ही सच्ची साधना है।

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

खरसिया अपडेट: पुलिसिया पूछताछ के बाद ग्रामीण की मौत का मामला;

घंटों चले चक्काजाम के बाद शर्तों पर बनी सहमति,...

खरसिया: पुलिसिया पूछताछ के बाद ग्रामीण की मौत से उबाल;

कस्टोडियल डेथ के आरोपों के बीच चक्काजाम, डेथ सर्टिफिकेट...