महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: आशा एक्का ने ‘बैंक सखी’ बन किया 5 करोड़ का लेनदेन

गणपत चौहान 

रायपुर | 09 अप्रैल 2026

​छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में डिजिटल बैंकिंग और महिला सशक्तिकरण की एक नई लहर दिखाई दे रही है। इस बदलाव की सूत्रधार बनी हैं ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी दीदियां, जो न केवल खुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर भी बदल रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम कांति प्रकाशपुर की आशा एक्का इसी डिजिटल क्रांति का एक चमकता हुआ चेहरा बनकर उभरी हैं।

चुनौतियों से आत्मनिर्भरता तक का सफर

​आशा एक्का की कहानी उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। उनके पति एक छोटे किसान हैं और गांव में ही एक किराना दुकान चलाते हैं। 12वीं तक शिक्षित आशा ने 2017 में बिहान योजना से जुड़ने का फैसला किया, जिसने उनके जीवन को एक नई दिशा दी।

​आज आशा गांव की बैंकिंग व्यवस्था की मुख्य कड़ी बन चुकी हैं। उन्होंने बैंक सखी और बैंक मित्र के रूप में कार्य करते हुए अब तक 5 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय ट्रांजेक्शन कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है।

बुजुर्गों और मजदूरों के लिए ‘घर का बैंक’

​ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचना हमेशा से एक चुनौती रही है। आशा एक्का ने इस दूरी को सेवा भाव से पाट दिया है:

    • पेंशन भुगतान: बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन के लिए अब शहर या बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
    • मनरेगा मजदूरी: मनरेगा श्रमिकों को उनकी मेहनत की कमाई गांव में ही मिल जाती है।
    • डोर-स्टेप बैंकिंग: जो बुजुर्ग या दिव्यांग बैंक जाने में असमर्थ हैं, आशा उनके घर जाकर भुगतान सुनिश्चित करती हैं।

​”जब मैं किसी बुजुर्ग की मदद करती हूँ और वे मुझे दुआएं देते हैं, तो मेरी सारी थकान मिट जाती है।” — आशा एक्का

 

आर्थिक संबल और बेहतर भविष्य

​इस कार्य से आशा को हर महीने 10 से 12 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इस आर्थिक मजबूती ने उनके परिवार के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है। आशा गर्व से कहती हैं कि इस आमदनी के जरिए वे अपने दोनों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने में सक्षम हो पाई हैं।

योजनाओं का मिला साथ, बदली किस्मत

​अपनी सफलता के लिए आशा एक्का ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि:

    1. बिहान योजना ने ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें रोजगार के नए अवसर दिए।
    2. डिजिटल इंडिया की मुहिम ने बैंकिंग को मोबाइल और फिंगरप्रिंट मशीन के जरिए घर-घर पहुंचाया।
    3. ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रही योजनाओं ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ जीने की राह दिखाई है।

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