नई दिल्ली, 12 जून 2026 | सुनील शर्मा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास (Women-led Development) को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों को रेखांकित किया है। उन्होंने ‘नारी शक्ति’ को राष्ट्र निर्माण की असली आधारशिला और शक्ति का वास्तविक स्वरूप बताते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार द्वारा महिला नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहित करने के लिए किए गए कार्य आज हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
हर क्षेत्र में महिलाओं का बढ़ता नेतृत्व
प्रधानमंत्री के अनुसार, आज देश की महिलाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विविध और बहुआयामी भूमिकाएं निभा रही हैं। सरकार के नीतिगत प्रयासों के कारण निम्नलिखित क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आया है:
- आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण: वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion), उद्यमिता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता और आवास के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
- खेल और शासन: खेल के मैदान से लेकर देश के प्रशासनिक और शासन स्तर (Governance) तक महिलाएं अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रही हैं।
- विज्ञान और आधुनिक तकनीक: प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार (Innovation) जैसे क्षेत्रों में भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते आधुनिक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी अवसरों के नए द्वार खोल रही है और पूरे देश के विकास परिदृश्य को बदल रही है।
गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण का वातावरण
नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर बल दिया कि सरकार के सभी प्रयास महिलाओं की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण पर आधारित हैं। सरकार ने एक ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सफलता हासिल की है, जहां देश की महिलाएं अपनी पूरी क्षमता को पहचान सकें और राष्ट्र निर्माण में और अधिक मजबूती के साथ अपना योगदान दे सकें।
आत्मनिर्भरता को बल देते स्वयं सहायता समूह
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार देश भर में महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को सक्रिय रूप से वित्तीय और ढांचागत समर्थन दे रही है। ये समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संस्कृत सुभाषितम् से नारी शक्ति को नमन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्टों की एक श्रृंखला साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक सुभाषितम् लिखा। उन्होंने कहा कि आज हमारी माताएं, बहनें और बेटियां हर क्षेत्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल के दम पर ‘मां भारती’ को गौरवान्वित कर रही हैं।
उन्होंने अंत में दोहराया कि एनडीए (NDA) सरकार का मूल मंत्र ही महिलाओं को केवल विकास का हिस्सा बनाना नहीं, बल्कि विकास की कमान उनके हाथों में सौंपना रहा है, जिसका असर आज जमीनी स्तर पर साफ देखा जा सकता है।