जयपुर, 16 जुलाई 2026/ सुनील शर्मा/प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान 2.0 एवं सक्षम आंगनबाड़ी के तहत एक विशेष पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत योजना के लाभ से वंचित रह गए लाभार्थियों को सभी आवश्यक सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
शासन सचिव ने बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश
समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी परिवारों का शत-प्रतिशत सर्वे करना, सभी पात्र लाभार्थियों का पोषण ट्रैकर ऐप पर पंजीकरण सुनिश्चित करना और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की सटीक वृद्धि निगरानी करना है।
अभियान की मुख्य कार्ययोजना और रणनीतिक बिंदु
अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए विभाग ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- घर-घर सर्वे: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्र का एक ‘नजरी नक्शा’ तैयार करेंगी और उसके आधार पर प्रत्येक घर का गहन सर्वे करेंगी। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि क्षेत्र का कोई भी परिवार, पुरुष, महिला, किशोरी या बच्चा इस सर्वे से वंचित न रहे।
- सटीक वृद्धि निगरानी: 0 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन और लम्बाई/ऊंचाई का बिल्कुल सही मापन किया जाएगा। इस डेटा को डिजिटल रूप से पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाएगा। पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए महिला पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 10 बच्चों का रैंडम भौतिक सत्यापन (क्रॉस-चेक) करेंगी।
- पंजीकरण एवं डेटा अपडेट: क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं (स्तनपान कराने वाली माताएं), 0 से 6 वर्ष के बच्चों और स्कूल न जाने वाली किशोरियों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की प्रोफाइल, केंद्र की आधारभूत सुविधाओं की स्थिति, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और विभिन्न बीमा योजनाओं के फॉर्म भी अपडेट किए जाएंगे।
- जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार: सामुदायिक बैठकों के माध्यम से आमजन को PMMVY, मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना, मुख्यमंत्री मातृ पोषण योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र तथा अतिकुपोषित बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार दुधयुक्त बालाहार की विस्तृत जानकारी दी जाएगी ताकि जागरूकता बढ़ सके।
- सख्त मॉनिटरिंग एवं औचक निरीक्षण: अभियान की नियमित निगरानी के लिए महिला पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) और उपनिदेशक अपने दैनिक टूर प्लान के अनुसार केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण की रिपोर्टिंग को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए “आंगनबाड़ी केंद्र भ्रमण निगरानी” गूगल फॉर्म पर प्रतिदिन एंट्री करना अनिवार्य किया गया है।
यूनिसेफ के सहयोग से मिला प्रशिक्षण
इस विशेष अभियान की शुरुआत से पहले, जून माह में यूनिसेफ (UNICEF) के तकनीकी सहयोग से विभाग के सभी स्तरों के कार्मिकों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए थे। विभाग के अनुसार, यह अभियान प्रदेश में पोषण सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने, उसकी पहुंच को अंतिम छोर तक बढ़ाने और कवरेज के दायरे को विस्तृत करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।