महिला उद्यमिता को नई उड़ान दे रहा है अमृता हाट – जयपुर में राज्य स्तरीय आयोजन का शुभारंभ
नरेश गुनानी
जयपुर, 21 सितम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की आत्मनिर्भर राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अमृता हाट महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण मंच बनता जा रहा है। रविवार को जवाहर कला केन्द्र के दक्षिण परिसर में शुरू हुए इस राज्य स्तरीय अमृता हाट का उद्घाटन महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने किया। यह मेला 21 से 30 सितम्बर तक प्रतिदिन आमजन के लिए खुला रहेगा।

महिला सशक्तीकरण का प्रतीक
उद्घाटन अवसर पर डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि अमृता हाट छोटी महिला उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता की राह दिखाता है, बल्कि उनके पारंपरिक कौशल को बाजार तक पहुंचाने में सेतु का काम कर रहा है। डॉ. बाघमार ने मेले में प्रदर्शित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया और स्वयं महिला समूहों से निर्मित उत्पाद खरीदकर डिजिटल भुगतान कर महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित किया।
165 स्टॉल्स पर ग्रामीण हुनर की झलक
महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव महेंद्र सोनी ने बताया कि इस राज्य स्तरीय अमृता हाट में राजस्थान के सभी जिलों से आए महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए 165 स्टॉल्स पर पारंपरिक हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इनमें हैंडीक्राफ्ट, कशीदाकारी, लाख की चूड़ियां, पेपरमैशी आइटम, टेराकोटा, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, जूट वर्क, कांसा एवं पीतल वर्क, मसाले, आचार, पापड़ जैसे अनेक आकर्षक उत्पाद शामिल हैं। आगंतुकों के लिए मेला परिसर में स्वादिष्ट समोसा, तंदूरी चाय, कॉफी, आइसक्रीम सहित विभिन्न व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
महिला समूहों के हुनर का वार्षिक उत्सव
महिला अधिकारिता विभाग की आयुक्त नीतू राजेश्वर और उपनिदेशक डॉ. राजेश डोगीवाल ने बताया कि अमृता हाट का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की प्रतिभा को प्रोत्साहित कर उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ना है। यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं के हुनर, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक पेश करता है।
डॉ. डोगीवाल ने कहा कि जयपुरवासी हर वर्ष इस हाट का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि यहां मिलने वाले उत्पाद न केवल गुणवत्ता और परंपरा का संगम हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का माध्यम भी बनते हैं।
राज्य स्तरीय अमृता हाट आगामी 30 सितम्बर तक प्रतिदिन सुबह से देर शाम तक आयोजित होगा, जहां आगंतुक शॉपिंग के साथ-साथ स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद ले सकेंगे और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का अवसर प्राप्त करेंगे।