रिपोर्ट योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को पूरी तरह ‘फ्लॉप शो’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है।
सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप
खाचरियावास ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के इस कार्यक्रम में आम महिलाओं की भागीदारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि:
- नरेगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी दबाव के दम पर इकट्ठा किया गया।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और भाजपा के अन्य दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बावजूद यह आयोजन जनता को प्रभावित करने में विफल रहा।
- भाजपा नेता अपनी ही पुलिस से भिड़ने का ‘नाटक’ कर रहे थे, ताकि जनता की सहानुभूति बटोरी जा सके।
”कांग्रेस पहले ही पास कर चुकी है बिल”
महिला आरक्षण बिल की समयसीमा पर सवाल उठाते हुए पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल कांग्रेस के पूर्ण समर्थन से संसद में पास हो चुका है। उन्होंने कहा, “अगर भाजपा की नीयत साफ होती, तो इसे अब तक लागू कर दिया जाता। लेकिन भाजपा का मकसद महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाना है।”
ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश
खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश और प्रदेश में आज जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है:
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- महंगाई और बेरोजगारी: आम आदमी की कमर टूट चुकी है।
- गरीबी और भुखमरी: देश के कई हिस्सों में भुखमरी से मौतें हो रही हैं।
- विफल शासन: केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हास्यास्पद है।
”भाजपा का नाटक अब देश समझ चुका है। सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय केंद्र सरकार को तुरंत प्रभाव से महिला आरक्षण बिल लागू करना चाहिए। कांग्रेस ने 2023 में ही इसका समर्थन कर दिया था, अब देरी केवल भाजपा की मंशा पर सवाल खड़े करती है।”
— प्रताप सिंह खाचरियावास