महासंकट: पेपर लीक की पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द; केजरीवाल ने सरकार के इस्तीफे की मांग की

NEET UG 2026 

नई दिल्ली | 12 मई, 2026

गौरव कोचर 

​देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर मचे भारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बड़ा फैसला लिया है। पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को रद्द (Cancel) कर दिया गया है। इस फैसले से करीब 23 लाख छात्रों का भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है।

1. NTA का बयान: क्यों रद्द करनी पड़ी परीक्षा?

​नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि परीक्षा की शुचिता (Integrity) के साथ समझौता हुआ था।

  • जांच रिपोर्ट का हवाला: NTA ने स्वीकार किया कि बिहार और राजस्थान पुलिस की जांच में ऐसे टेलीग्राम ग्रुप और व्हाट्सएप चैट्स मिले हैं, जहाँ परीक्षा से 24 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो गए थे।
  • CBI को सौंपी जांच: शिक्षा मंत्रालय ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए इसे CBI को सौंप दिया है।
  • नई परीक्षा की तैयारी: NTA ने घोषणा की है कि अगले 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा (Re-Exam) आयोजित की जाएगी। छात्रों को इसके लिए नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा, लेकिन कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।

2. अरविंद केजरीवाल का कड़ा प्रहार: “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़”

​परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया और प्रेस ब्रीफिंग के जरिए तीखा हमला बोला।

“जो सरकार एक परीक्षा ढंग से नहीं करा सकती, उसे सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। यह केवल पेपर लीक नहीं है, यह देश के भविष्य का लीक है। करोड़ों मां-बाप का भरोसा टूट गया है। जो सरकार परीक्षा नहीं करा सकते, वो सरकार क्या चलाएंगे?”

अरविंद केजरीवाल

 

​केजरीवाल ने आगे मांग की कि इस धांधली के लिए जिम्मेदार मंत्रियों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “पेपर माफिया” को सरकारी संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

3. छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश

​देशभर के प्रमुख कोचिंग हब्स (कोटा, दिल्ली, पटना) में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्रों का कहना है कि:

  1. मानसिक तनाव: साल भर की कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा रद्द होने से छात्र गहरे तनाव में हैं।
  2. आर्थिक बोझ: दोबारा परीक्षा केंद्र तक जाने, रहने और तैयारी करने का खर्च मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी चुनौती है।
  3. सत्र में देरी: परीक्षा रद्द होने से मेडिकल कॉलेजों का नया शैक्षणिक सत्र (Academic Session) भी पिछड़ जाएगा।

4. मुख्य बिंदु: एक नज़र में

विवरण

ताजा अपडेट

परीक्षा की स्थिति

पूरी तरह रद्द (Cancelled)

जांच की स्थिति

CBI जांच शुरू, कई लोग गिरफ्तार

पुनः परीक्षा की संभावित तिथि

जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई 2026

विपक्ष की मांग

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और न्यायिक जांच

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