महाराजा दाहरसेन बलिदान दिवस पर सिंधी समाज को बड़ी सौगात: प्रताप नगर में बहाल हुई भूमि, आवासन मंडल का ऐतिहासिक निर्णय
Edited By : लोकेंद्र सिंह शेखावत
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 20,2025
जयपुर, 20 जून 2025।
महाराजा दाहरसेन बलिदान दिवस के अवसर पर सिंधी समाज को एक महत्वपूर्ण उपहार मिला है। राजस्थान आवासन मण्डल ने प्रताप नगर, सैक्टर-17 में सिंधी समाज को आवंटित की गई 5300 वर्गमीटर भूमि को पुनः बहाल कर दिया है। यह निर्णय समाज के लिए न केवल सम्मान का विषय है, बल्कि उनके सामाजिक कार्यों को मजबूती देने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि भी है।
🔸 भूमि बहाली का निर्णय
राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा वर्ष 2013 में पूज्य सिंधी सेन्ट्रल पंचायत, जयपुर महानगर को 5300 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई थी। हाल ही में, शर्तों की अनुपालना नहीं होने के कारण दिनांक 9 अप्रैल 2025 को इस भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया गया था।
हालांकि, समाज की सक्रिय पहल और वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के चलते अब मण्डल ने उक्त निरस्तीकरण आदेश को नियमों व शर्तों के अधीन प्रतिहारित करते हुए भूमि बहाल कर दी है।
🔹 समाज की एकजुटता और संघर्ष
इस निर्णय के पीछे पूज्य सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के अध्यक्ष गिरधारीलाल मनकानी की अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में मातृशक्ति प्रमुख शोभा बसंतानी, महासचिव धरमदास मोटवानी, संगठन महासचिव अमर गुरबानी, मार्गदर्शक नारायण दास नाज़वानी, एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी लगातार सरकार व आवासन मण्डल के अधिकारियों के संपर्क में रहे।
समाज प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जयपुर के वरिष्ठ विधायक कालीचरण सराफ, श्रीचंद कृपलानी, कैलाश वर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार अजयपाल सिंह सहित अनेक नेताओं से मुलाकात कर, भूमि की उपयोगिता व समाज के हित को स्पष्ट किया।
🗣️ मनकानी का बयान: “सच की जीत हुई”
गिरधारीलाल मनकानी ने भूमि बहाली को “सच की जीत” बताते हुए पूरे सिंधी समाज, भाजपा नेतृत्व और सरकारी अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल समाज के लिए राहत है, बल्कि इसके जरिए समाज की एकजुटता और सकारात्मक प्रयासों को भी मान्यता मिली है।
उन्होंने यह भी वादा किया कि अब समाजजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए भूमि पर सिंधु सागर भवन का विस्तार व समाज की नई योजनाओं पर शीघ्र कार्य शुरू किया जाएगा।
📍 सामाजिक सरोकारों में उपयोग
मनकानी ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त भूमि का कोई भी भाग व्यावसायिक उपयोग में नहीं लिया गया है। बल्कि इसका उपयोग समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक हित में हो रहा है। इन गतिविधियों से न केवल सिंधी समाज, बल्कि समूचा सर्वसमाज लाभान्वित हो रहा है।