नई दिल्ली/ नरेश गुनानी/राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आज शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के विचारों को अमर बताते हुए देशवासियों से उनके दिखाए सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
बापू का संदेश विकसित भारत की ओर प्रेरित करता रहेगा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बापू के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “बापू का कालजयी संदेश हमें एक बेहतर समाज और विकसित भारत की ओर प्रेरित करता रहे।”
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक सुभाषित साझा करते हुए लिखा, “पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।”
उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक साझा किया:
“अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च। निर्ममो निरहङ्कारः समदुःखसुखः क्षमी॥”
इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति किसी भी प्राणी से द्वेष नहीं रखता, सभी के प्रति मैत्री और करुणा का भाव रखता है, ममता व अहंकार से मुक्त है, सुख-दुख में समान रहता है और क्षमाशील है—वही श्रेष्ठ साधक है। बापू का जीवन इन्हीं मूल्यों का जीवंत उदाहरण था।
2 अक्टूबर का महत्व बच्चा-बच्चा जानता है
प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर एक विशेष वीडियो भी साझा किया गया। वीडियो के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “2 अक्टूबर का हमारे राष्ट्र के लिए क्या महत्व है, इसे बच्चा-बच्चा जानता है। महात्मा गांधी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। वह ऐसे व्यक्तित्व थे, जो सत्ता से दूर रहने के बावजूद आज भी करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब तक मानवता के साथ महात्मा गांधी के विचारों का प्रवाह बना रहेगा, तब तक उनकी प्रेरणा और प्रासंगिकता भी हमारे बीच बनी रहेगी।”
खादी और स्वदेशी अपनाने का आग्रह
महात्मा गांधी के स्वदेशी के संकल्प को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से खादी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया, जिसमें खादी सबसे प्रमुख थी।
प्रधानमंत्री ने जनता से आग्रह किया, “आप सभी से मेरा आग्रह है कि दो अक्टूबर के अवसर पर कोई न कोई खादी उत्पाद जरूर खरीदें और गर्व से कहें कि यह स्वदेशी है।”