नेहा रंजन
महागामा (गोड्डा): शिक्षा के अधिकार को धरातल पर उतारने और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज महागामा प्रखंड परिसर स्थित सभागार में ‘स्कूल रुआर-2026’ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य स्कूल से बाहर रह गए (ड्रॉप आउट) बच्चों को वापस स्कूल लाना और नए बच्चों का नामांकन बढ़ाना है।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अली उमर खान, प्रखंड साधन सेवी शमीम इकबाल, वरिष्ठ शिक्षक राधाकांत साह एवं आनंद रजक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच का कुशल संचालन रीतेश रंजन द्वारा किया गया।
अभियान का उद्देश्य: ‘शिक्षा जन-जन तक पहुँचे’
उपस्थित शिक्षकों और जन प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी अली उमर खान ने कहा:
”स्कूल रुआर कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक मिशन है। हमारा उद्देश्य बच्चों में विद्यालय के प्रति आकर्षण पैदा करना और शिक्षा के महत्व को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को प्रेरित करें और इस पुनीत कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग लें।”
मुख्य बिंदु:
- अवधि: यह विशेष नामांकन अभियान 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा।
- लक्ष्य: ड्रॉप आउट दर को शून्य पर लाना और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना।
तकनीकी समस्याओं का हुआ समाधान
गोष्ठी के दौरान शिक्षकों ने नामांकन प्रक्रिया, गूगल लिंक अपडेट करने और ड्रॉप बॉक्स के प्रबंधन में आ रही तकनीकी चुनौतियों को साझा किया। इन समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु विशेषज्ञ टीम ने विस्तार से जानकारी दी:
- देव चौधरी (डाटा एंट्री ऑपरेटर): ऑनलाइन डेटा एंट्री और पोर्टल अपडेशन की बारीकियां बताईं।
- प्रमोद कुमार मंडल (अकाउंटेंट): वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड संधारण पर चर्चा की।
- ईश्वर (रिसोर्स शिक्षक): बच्चों के मैपिंग और तकनीकी बाधाओं को दूर करने के उपाय बताए।
स्वास्थ्य और जागरूकता का संगम
शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग की प्रतिनिधि ऋचा ने उपस्थित लोगों को एचपीवी (HPV) टीके के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह टीकाकरण कितना अनिवार्य है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के कई अधिकारी, शिक्षक और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
- संकुल साधन सेवी: सुलेमान जहांगीर आजाद, अबू सालेह, तोहिद आलम, रामदेव यादव, कमरुज्जमा।
- इसके अतिरिक्त दर्जनों शिक्षक और विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
: महागामा प्रखंड में इस अभियान की शुरुआत से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में प्रखंड का कोई भी बच्चा शिक्षा के उजाले से वंचित नहीं रहेगा। प्रशासन अब 30 अप्रैल तक डोर-टू-डोर कैंपेन के माध्यम से लक्ष्य प्राप्ति में जुट गया है।