नेहा रंजन
महागामा (गोड्डा): स्थानीय डिग्री कॉलेज महागामा के प्रांगण में सोमवार को आगामी जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के त्रि-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सोनाराम हांसदा, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विवेक कुमार दत्ता एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सह सहायक जनगणना चार्ज पदाधिकारी देवीलाल सोरेन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
राष्ट्र निर्माण का आधार हैं जनगणना के आंकड़े: बीडीओ
उपस्थित कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनाराम हांसदा ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना मात्र सिरों की गिनती नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के भविष्य के निर्धारण का दस्तावेज है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े ही सरकार की आगामी कल्याणकारी योजनाओं और विकास नीतियों का आधार बनते हैं। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को पूरी निष्ठा और शुद्धता के साथ डेटा संग्रह करने का निर्देश दिया।
प्रशिक्षण का स्वरूप और कार्ययोजना
प्रखंड प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
- कुल बैच: यह प्रशिक्षण कुल आठ बैचों में संचालित किया जाएगा।
- अवधि: प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र तीन दिनों का होगा।
- व्यवस्था: सुचारू संचालन के लिए एक साथ दो अलग-अलग कमरों में दो बैचों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’
कार्यक्रम का संचालन कर रहे रीतेश रंजन ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि यह भारत की 16वीं और स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है। इस बार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिससे आंकड़ों के संकलन और विश्लेषण में तेजी आएगी।
वहीं, गोकुल ठाकुर ने इस महाभियान के ध्येय वाक्य (स्लोगन) को साझा करते हुए कहा कि “जनगणना से जनकल्याण” के संकल्प के साथ इस कार्य को धरातल पर उतारा जा रहा है।
अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर के रूप में विश्राम प्रसाद, जियाउल हक, बिपिन कुमार सिंह एवं ध्रुव कुमार पंडित द्वारा प्रगणकों को डिजिटल ऐप के उपयोग और प्रपत्र भरने की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।
इस अवसर पर निलेश कुमार, मुरारी प्रसाद शर्मा, राजेंद्र पंडित, शहजाद अनवर, हारून रशीद सहित प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए पर्यवेक्षक एवं प्रगणक मुख्य रूप से उपस्थित थे।