महर्षि वेदव्यास की शोभायात्रा पाराशर समाज द्वारा भव्य रूप से निकाली गई
धार्मिक नगरी पुष्कर बनी श्रद्धा और संस्कृति का संगम
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 10,2025
(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/अजमेर।
धार्मिक नगरी पुष्कर में बुधवार को महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर पाराशर समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पाराशर ट्रस्ट यात्री निवास से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों – ब्रह्म चौक, कपड़ा बाजार, गऊ घाट, सदर बाजार आदि से होती हुई पूरे नगर में निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन के चलते पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया।
🎉 आकर्षक झांकियों और बैंड बाजों के साथ निकली शोभायात्रा
शोभायात्रा में पाराशर समाज के सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए। रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं की टोलियों ने नगर में धर्म और संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। शोभायात्रा में महर्षि वेदव्यास से संबंधित जीवन प्रसंगों पर आधारित विभिन्न झांकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। बैंड बाजों की मधुर ध्वनि और जयघोष से नगर का वातावरण गूंज उठा।
🙏 अष्टधातु से निर्मित वेदव्यास प्रतिमा बनी श्रद्धा का केंद्र
समाज के महामंत्री संजय जोशी ने जानकारी दी कि शोभायात्रा में अष्टधातु से निर्मित महर्षि वेदव्यास की मूर्ति विशेष रूप से नगरवासियों के दर्शनार्थ रखी गई, जिसकी पूजा-अर्चना और विधिवत स्वागत पाराशर समाज के लोगों द्वारा पूरे नगर में किया गया।
🗣️ समाज के वरिष्ठजन हुए शामिल
पाराशर परिषद अध्यक्ष प्रेमचंद पाराशर उर्फ मासा ने बताया कि यह शोभायात्रा प्रतिवर्ष पाराशर समाज की परंपरा अनुसार निकाली जाती है, जिसमें समाज की पूरी कार्यकारिणी सक्रिय भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को अपने ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है।
🌟 नगरवासियों ने किया भव्य स्वागत
शोभायात्रा मार्ग में नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। श्रद्धालु महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
📜 धार्मिकता और एकता का प्रतीक
यह शोभायात्रा पुष्कर की धार्मिक परंपराओं में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो न केवल पाराशर समाज को संगठित करती है, बल्कि सम्पूर्ण नगर को एक सांस्कृतिक सूत्र में पिरोने का कार्य भी करती है।

